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क्रोएशिया के विश्वविद्यालय में 1876 से पढ़ाई जा रही है संस्कृत : आंद्रेज प्लेनकोविच

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-डीयू में भारत-क्रोएशिया संबंधों पर व्याख्यान में क्रोएशिया के प्रधानमंत्री ने किया संबोधित
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-डीयू कुलपति ने कहा कि दोनों देशों के शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देगा आंद्रेज प्लेनकोविच का दौरा

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच ने कहा कि क्रोएशिया के विश्वविद्यालय में 1876 से संस्कृत भाषा पढ़ाई जा रही है, जो भारत-क्रोएशिया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण है। आंद्रेज प्लेनकोविच दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस रीगल लॉज के कन्वेंशन हॉल में ब्रिजिंग कॉनटिनेंटस: क्रोएशिया एंड इंडिया इन ए कनेक्टेड वर्ल्ड विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि अहिंसा, सत्य और मानवीय गरिमा के उनके विचार आज भी विश्व राजनीति और समाज के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। इस अवसर क्रोएशिया गणराज्य के भारत में राजदूत पीटर लुबिसिच बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीयू के कुलपति प्रो योगेश सिंह ने की। कार्यक्रम में व्याख्यान में क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच ने भारत-क्रोएशिया संबंधों, वैश्विक सहयोग और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डीयू कुलपति प्रो योगेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच का भारत और डीयू का यह दौरा दोनों देशों के शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब क्रोएशिया के किसी प्रधानमंत्री का भारत, विशेषकर डीयू में आगमन हुआ है।
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