मतगणना से एक दिन पहले राजनीतिक दलों के बीच प्रत्याशियों के खरीद-फरोख्त को लेकर राजनीति गरमा गई है। आप का आरोप है कि पार्टी के उम्मीदवार मुकेश अहलावत को भाजपा में शामिल करने के लिए 15 करोड़ और मंत्री पद लेने का ऑफर दिया गया था। आप के 16 से अधिक विधायकों और उम्मीदवारों को तोड़ने की कोशिश की गई है।
शुक्रवार को इसकी शिकायत लेकर आप सांसद संजय सिंह एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पहुंचे। उन्होंने एसीबी को लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें एक मोबाइल नंबर का भी जिक्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त करने वाली और तोड़फोड़ करनी वाली पार्टी है। भाजपा खुलेआम ऑपरेशन लोटस चलाने वाली पार्टी है।
भाजपा ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड व अरुणाचल प्रदेश की सरकार गिराई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा आप के आरोपों के बाद घबराकर एलजी के पास पहुंच गए। दिल्ली में खरीद फरोख्त करने का काम किया जा रहा है। 15-15 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का काम हो रहा है।
इधर, केजरीवाल के आवास पहुंचे पार्टी के लीगल सेल के प्रमुख संजीव नासियार ने बताया कि एसीबी के अधिकारी बिना किसी नोटिस के खाली हाथ आए थे। उनके पास कोई पेपर या नोटिस नहीं था, यहां तक कि कोई मोहर भी नहीं थी। मोहर उन्होंने बाद में मंगवाई। नोटिस बाहर से तैयार होकर आए थे।
वहीं, केजरीवाल के वकील ऋषिकेश कुमार ने एसीबी पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीम बिना आधिकारिक दस्तावेज के आवास पर पहुंची थी। जांच एजेंसियों को मजाक में बदल दिया गया है।