प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर टिप्पणी मामले में दायर मानहानि मुकदमे में जारी समन पर हस्तक्षेप करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। मानहानि का यह मुकदमा गुजरात विश्वविद्यालय ने दायर किया है।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष जारी समन को रद्द करने की मांग वाली संजय सिंह की याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने इस मामले में सिंह को कोई राहत देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर सहमति जताई है। मानहानि के मुकदमे में संजय सिंह के अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी नाम है।
आप के दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को दिए गए डिग्री प्रमाणपत्रों की प्रतियों का खुलासा करने में गुजरात विश्वविद्यालय की स्पष्ट अनिच्छा पर सवाल उठाया था। गुजरात हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में फैसला सुनाया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मोदी के डिग्री प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। इसके तुरंत बाद गुजरात विश्वविद्यालय ने दोनों पर मानहानि का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की।
ट्रायल कोर्ट ने पिछले साल अप्रैल में इस मामले में केजरीवाल और सिंह को समन जारी किया था। जिसके बाद दोनों ने राहत के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया था। 26 फरवरी को हाईकोर्ट ने केजरीवाल और सिंह को जारी समन को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का मतलब यह नहीं हो सकता कि एक नागरिक दूसरे को बदनाम कर सकता है।