अर्चित के मुताबिक, यह सेनेटरी पैड ऑनलाइन के साथ बाजार में भी उपलब्ध होगा। एक पैकेट में दो पैड होंगे, जो 199 रुपये में मिलेंगे। महिलाएं इस पैड को ठंडे पानी में धोकर दो साल तक प्रयोग कर सकती हैं।
पैडमैन से जागरूकता मिली पर पर्यावरण को बचाने का हल नहीं
अर्चित अग्रवाल के मुताबिक, अक्षय कुमार की पैडमैन फिल्म से आम महिलाएं सेनेटरी पैड के प्रयोग के प्रति जागरूक तो हुईं, लेकिन पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान का हल नहीं मिला। अर्चित ने बताया कि सामान्य सेनेटरी पैड में प्लास्टिक और सिंथेटिक का प्रयोग होता है।
सेनेटरी पैड प्रयोग के बाद फेंक दिया जाता है, तो उसे नष्ट होने में 50 से 60 साल तक लग जाते हैं। वहीं नाली, सीवर ब्लॉक होने के साथ मिट्टी को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे सेनेटरी पैड को जलाने से हानिकारक धुआं निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण होता है। भारत में करीब 336 मिलियन महिलाओं में से 36 फीसदी 121 मिलियन डिस्पोजेबल सेनेटरी पैड का उपयोग करती हैं।