गाय विश्व की माता है। गाय का प्रत्येक अंग यहां तक कि गाय का मल मूत्र भी लाभप्रद है। जो असाध्य रोगों में दवा का कार्य करता है। उपरोक्त शब्द अखिल भारतीय अनुव्रत न्यास के वरिष्ठ अधिकारी एवं संघ के पूर्व प्रचारक रमेश कांडपाल ने खंड के ग्राम बिस्सर अकबरपुर की कामधेनु गोधाम गो शाला के मासिक यज्ञ के उपरान्त प्रवचन के दौरान कहे।
उन्होंने कहा कि गाय को माता का दर्जा दिया गया है। जब किन्हीं अपरिहार्य कारणों से बच्चे के लिए मां का दूध नहीं उतरता है तो गाय का दूध ही सब से उत्तम बताया गया है। उन्होंने कहा कि एक मात्र गाय के अन्दर एक ऐसी प्रक्रिया होती है कि यदि उसे अपने शरीर पर बैठी मक्खी या खुजली करनी होती है तो वो केवल शरीर के उसी अंग को हिलाती है।
उन्होंने कहा कि गाय की पीठ व गले के नीचे नियमित हाथ फेरने से रक्त चाप पूरी तरह से स्थिर रहता है। गो मूत्र को साफ करके पीने से असाध्य रोगों का उपचार किया जा सकता है। इस अवसर पर आचार्य दिव्यानंद, पूर्व आईएएस एसपी गुप्ता, जयसिंह सुनील जिंदल फतेह चन्द, धर्मवीर और अजय उपस्थित थे।