भारत से हमारा बहुत ही प्यार भरा रिश्ता रहा है क्योकि यह एक शांतिप्रिय और सहयोगी देश रहा है और जब भी कोई भारतीय म्यूनिख आता है तो उसका दिल से स्वागत करते है। इस बार तो हमारी बवेरियन संसद ने ऐसे भारतीय को चुना है, जिसने अपनी पूरी जिन्दगी छात्रों का जीवन संवारने में लगा दी। यह कहना था वहां के संसद सदस्य डंकेल नॉरबर्ट का। जिन्होंने संदीप मारवाह को स्मारिका प्रस्तुत करते हुए यह शब्द कहे।
संदीप मारवाह जो कि पिछले 25 वर्षो से एशियन एकडेमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन चला रहे है, जिसके द्वारा हजारो बच्चे फिल्मी दुनिया में अपना परचम लहरा रहे है। इस अवसर पर बवेरिया सरकार के मंत्री, मार्कस सोडर ने कहा की संदीप मारवाह अंतरराष्ट्रीय स्तर में योगदान के लिए उच्चतम पुरस्कारों के हकदार है।
सामाजिक कार्यकर्ता हंस शर्गर ने कहा, आज हम उन्हें सम्मानित करके खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। एम एस रेसेरी सेम ने कहा की भारत के लिए हमने हमेशा अपने दिल और देश दोनों खोल रखे है। डॉ दीपक नारवाल यूरोपीय आर्थिक सीनेटर, उलिच रिजर मिनिस्टर ऑफ इकनोमिक अफेयर, सुगंध राजा कंसुलेट जनरल ऑफ़ इंडिया ने भी मारवाह से मुलाकात की।