केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश की सियासत में बड़े बदलाव आए हैं। पहले की सरकारें तुष्टीकरण और परिवारवाद में सिमटी थीं, लेकिन आज की सरकार परफॉर्मेंस के आधार पर चुनी जाती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने नया पॉलिटिकल कल्चर पैदा कर दिया है।
अब एंटी इनकंबेंसी नहीं, बल्कि प्रो-इनकंबेंसी (सरकार का दोबारा चुनकर आना) ही देखी जाती है। एक समय जनता के मन में भाव होता था कि कुछ बदलने वाला नहीं। सरकारें आएंगी और जाएंगी, पर अब सोच बदल गई है। आज उसके मन में विश्वास है कि हम कर सकते हैं और हम करेंगे।
देवभूमि उत्तराखंड में बुधवार को देहरादून में अमर उजाला संवाद में नड्डा ने स्वस्थ भारत का संकल्प विषय पर चर्चा के दौरान यह बात कही। नड्डा ने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव है। पोलियो अमेरिका जैसे देश में लौट रहा है, पर हमारे अभियान का असर ही है कि आज तक पोलियो बेअसर है।
उन्होंने कहा, सरकार आयुष्मान योजना से सीधे 61 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दे रही है। जनता की जागरूकता व सरकार की नीतियों के चलते एंटीबायोटिक खाने के बजाय लोग परहेज व पौष्टिक आहार पर फोकस कर रहे हैं।
स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव
भारत अब एक नई विकास यात्रा पर अग्रसर है। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब देश का नागरिक स्वस्थ हो, क्योंकि स्वस्थ शरीर से ही बेहतर विचार प्रक्रिया जन्म लेती है।
-जेपी नड्डा, स्वास्थ्य मंत्री
2017 की स्वास्थ्य नीति, आरोग्य मंदिर ने बदली सूरत
नड्डा ने कहा, 2017 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति ने बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है। 1.81 लाख से अधिक आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जहां प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, आंखों व दांतों की जांच और कैंसर-डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग की जा रही है।