बेटियों को कमरे में बंद कर बेटे की हत्या करने वाला बबलू गुप्ता उर्फ बंटी ने पूछताछ में बताया कि बीमारी की वजह से उसके बेटे की हालत काफी खराब हो चुकी थी। पूरे शरीर में घाव होने से वह दर्द से कराहता था। साथ ही खाने का कोई सामान नहीं होने से बच्चे भूख से भी तड़प रहे थे।
यह सब उससे देखा नहीं गया और उसने अपने बेटे की हत्या करने का मन बना लिया। वह घर से बेटे को दवा दिलाने की बात कहकर ले गया। मुनक नहर के पास पहुंचने के बाद उसने गोद में लिए बेटे को नहर में फेंक दिया।
रक्षा बंधन के दिन किसी पड़ोसी ने बबलू को मिठाई दी थी। अपने बेटे को लेकर घर से निकलने से पहले उसने बेटियों को मिठाई दी। साथ ही उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत देकर दरवाजे की कुंडी लगाकर चला गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शराब पीने का आदी बबलू के पास रुपये नहीं होने की वजह से वह अपने बच्चों को खाना नहीं खिला पाता था।