सपा नेता अनिल यादव की हत्या में वांछित चल रही हिना के राज अब धीरे-धीरे खुलने लगे हैं। गाजियाबाद पुलिस के रिकार्ड में हिना नकली नोटों की सौदागर है। जिसके तार पाकिस्तान से आने वाले नकली नोटों के नेपाल व बांग्लादेश के तस्करों से जुड़े हैं।
ठीक एक साल पहले 23 अप्रैल 2013 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना पुलिस ने हिना को उसकी बहन मुमताज व चार अन्य साथियों के साथ कौशांबी बस स्टैंड के पास से साढ़े छह लाख रुपये के नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था।
वह प्रॉपर्टी डीलिंग की आड़ में नकली नोटों का धंधा अपनी बहन के साथ मिलकर कर रही थी।
सपा नेता ने ही कराई थी हिना की जमानत
जानकारी के मुताबिक, हिना की एक साल की बेटी भी है। हिना ने कुछ समय पहले ही दूसरा निकाह किया था। सूत्रों के मुताबिक उस निकाह की रिकार्डिंग सपा नेता अनिल यादव ने अपने मोबाइल से की थी।
अनिल ने ही नकली नोट के मामले में गिरफ्तार हिना की जमानत के लिए रुपये का इंतजाम कराया था। हिना की जमानत देने वालों का इंतजाम हिना की मां ने किया था।
जिस दिन अनिल यादव की मौत हुई, उसके अगले दिन हिना की नकली नोट कांड में गाजियाबाद की अदालत में तारीख थी लेकिन वह नहीं पहुंची। उसकी बहन मुमताज तारीख पर आई थी। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि हिना व अनिल यादव का परिचय कहां हुआ था और किसके माध्यम से हुआ था।
लग्जरी लाइफ जीने की आदी है वो
एक साल पहले लिंकरोड थाना पुलिस ने हिना, उनकी बहन मुमताज व साथी देवरिया निवासी नुरैन, बलदेव व मईनुद्दीन और गोपालगंज बिहार निवासी रफीक को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
उस समय पूछताछ में कक्षा तीन पास हिना ने तत्कालीन एसएसपी व थाना प्रभारी को लग्जरी लाइफ जीने की चाह में गुनाह की राह पर चल पड़ने की बात बताई थी।
पुलिस के मुताबिक बड़े लोगों के बीच उठने बैठने की शौकीन हिना उस समय वसुंधरा सेक्टर-4 में फ्लैट लेकर अपनी बहन के साथ रह रही थी। लिंक रोड थाना पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक हिना के संपर्क में बांग्लादेश व नेपाल में नकली नोटों के सप्लायर थे। उसके पास से बरामद नोट पाकिस्तान के क्वेटा शहर से बन कर नेपाल व बांग्लादेश के रास्ते भारत आते थे।
पुलिस को है इनकी भी तलाश
हिना को गिरफ्तार करने में नाकाम पुलिस अब नकली नोट के मामले में जमानत देने वाले उसके जमानतदारों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने बुधवार को भी दिल्ली व बिजनौर में छापेमारी की, लेकिन उसका कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। सर्विलांस के सहारे उस तक पहुंचने के प्रयास भी अब तक सफल नहीं हो सके हैं।
वहीं पुलिस को आशंका है कि दबाव पड़ने पर हिना गिरफ्तारी से बचने के लिए जमानत निरस्त करा कर पुराने मामले में जेल न चली जाए, ताकि नोएडा पुलिस केवल उसे रिमांड पर चंद घंटों के लिए ही ले सके।
क्या है सफेद कार का राज?
अनिल यादव के बहलोलपुर गांव वाले घर के सामने से बृहस्पतिवार शाम सफेद रंग की एक कार तेजी से कई बार चक्कर लगाते हुए गई। कार की स्पीड तेज थी और कार के सभी शीशे जेड ब्लैक थे। इस कार से कई लोग टकराते-टकराते बचे।
लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और कार को पकड़ने का प्रयास किया। युवक कार छोड़ कर भाग निकले। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है।
वहीं दूसरी ओर अनिल यादव के परिजन इस कार में सवार लोगों को हिना का साथी बताने में जुटे हैं। जो रेकी कर घर के अन्य सदस्यों को नुकसान पहुंचाने या डराने की नियत से आए थे। पुलिस ने परिजनों की इस संभावना से इंकार किया है।