2002 के हिट एंड रन केस में आज मुंबई की सेशंस अदालत ने सलमान को उनके ऊपर लगे सभी आरोपों का दोषी मानकर सलमान को 5 साल कैद की सजा सुनाई है।
सलमान के हिट एंड रन मामले की सुनवाई कर रही मुंबई की अदालत ने कहा कि वह मानती है कि घटना वाले दिन सलमान ने शराब पी रखी थी और वह नशे में वह गाड़ी चला रहे थे।
कोर्ट ने ये भी माना कि सलमान के पास उस वक्त कोई लाइसेंस भी नहीं था और ना ही शराब पीने का परमिट। इन सारे आरोपों में दोषी करार दिए जाने के बाद सलमान के वकील ने जिन दो केसों का हवाला देते हुए, सलमान की सजा को दो साल कम करने की बात कही है, उसमें दिल्ली का बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन नंदा केस भी शामिल है। इस केस में आरोपी की सजा 10 साल की बजाय 2 साल कर दी गई थी।
क्या था बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन नंदा केस?
गौरतलब है कि 1999 में दिल्ली का बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन केस चर्चित रहा है। इस केस में आरोपी संजीव नंदा ने तीन पुलिसवालों समेत 6 लोगों को अपनी बीएमडब्ल्यू कार से कुचल दिया था।
इस केस में दिल्ली की अदालत ने संजीव नंदा की सजा को 10 साल की बजाय 2 साल कर दिया था। कोर्ट ने संजीव नंदा को 2 साल कम्यूनिटी सर्विस की सजा दी थी। इसके साथ ही नंदा को 50 लाख का जुर्माना था। इस राशि का उपयोग सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए किया जाना था।
इसी केस का हवाला देते हुए सलामन के वकील ने कोर्ट में जिरह की है कि सलमान की सामाजिक कार्यों को देखते हुए उनकी सजा को कम कर दो साल का किया जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकीलों की किसी दलील पर ध्यान न देते हुए सलमान को पांच साल की सजा सुनाई है।
हालांकि सलमान के वकील इस मामले को अब हाईकोर्ट में ले जाएंगे और वहीं से सलमान को बेल मिलनी है। इस केस का हवाला हाईकोर्ट में भी दिया जा सकता है जिससे सलमान की सजा वहां कम की जा सकती है।
राम जेठमलानी ने संजीव के पक्ष में दी थी दलील
तीन साल पहले 2012 में दिल्ली में बीएमडब्लू कार से छह लोगों को कुचलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि संजीव नंदा को और सजा नहीं दी जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने संजीव नंदा पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि 1999 में हुई इस दुर्घटना में संजीव नंदा भले ही अपनी कार रोक कर बाहर निकले थे। लेकिन वह और उनके दोस्त वहां से फरार हो गए थे। जबकि अगर वह घायलों की मदद करते तो मरने वालों को बचाया जा सकता था।
संजीव नंदा केस मामले में पुलिस जांच में यह बात साबित हुई थी कि कार चलाते वक्त संजीव नंदा नशे में थे। नंदा का केस लड़ रहे मशहूर वकील राम जेठमलानी ने जिरह करते हुए कोर्ट में कहा था कि संजीव को सामूहिक हत्या का दोषी करार नहीं दिया जा सकता क्योंकि उन्होंने जानबूझकर लोगों की हत्या नहीं की थी।
नौसेना अध्यक्ष थे संजीव के दादा
सुप्रीम कोर्ट में संजीव नंदा मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें 10 साल के कठोर कारावास देने की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संजीव नंदा को और सजा देने से मना कर दिया था।
बता दें कि निचली अदालत ने संजीव नंदा को इस मामले में दो साल कैद और 50 लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जुर्माने की राशि को सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों के हित में इस्तेमाल किया जाए।
सलमान खान की तरह संजीव नंदा भी प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखते हैं। उनके दादा भारतीय नौसेना में थे और सेवानिवृत्त होने से पहले उन्होंने नौसेना अध्यक्ष के तौर पर काम किया था।