फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sajjan Kumar Death: कभी कांग्रेस का बड़ा चेहरा थे सज्जन, सिख दंगों में कैसे जुड़ा नाम? एक बयान ने पहुंचाया जेल

Thu, 20 Aug 2026 03:13 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Sajjan kumar Death News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार का आज निधन हो गया है। सज्जन कुमार का नाम 31 अक्तूबर 1984 को हुए दंगों से जुड़ा था। 
विज्ञापन
सज्जन कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को निधन हो गया है। उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, उनके निधन के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। वहीं उनके बेटे भी अस्पताल पहुंचे।

विज्ञापन

सिख विरोधी दंगों से जुड़ा पहला नाम
सज्जन कुमार का नाम 31 अक्तूबर 1984 को हुए सिख विरोधी दंगों से जुड़ा था। इन दंगों के दौरान उन पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा था। दिल्ली कैंट क्षेत्र में उनके उकसावे के बाद भीड़ ने कई घरों में आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। दिल्ली कैंट के राजनगर इलाके में पांच सिखों की हत्या कर दी गई थी। मारे गए सिखों में केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह शामिल थे।

1984 के दंगों में सज्जन कुमार की भूमिका?
पीपल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (पीयूडीआर) और पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की तथ्य खोजने वाली टीमों ने अपनी रिपोर्ट में सज्जन कुमार की भूमिका का उल्लेख किया था। इन रिपोर्टों में बताया गया कि दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में हुए दंगों में अधिकतर सिख पीड़ितों ने एक कांग्रेस सांसद पर भीड़ को भड़काने का आरोप लगाया था। बाद में कई लोगों ने इस सांसद की पहचान सज्जन कुमार के तौर पर की थी। इन आरोपों के कारण उनका नाम लगातार विवादों में रहा।

सज्जन कुमार पर आरोप था कि उन्होंने दिल्ली कैंट क्षेत्र में भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया। इस उकसावे के परिणामस्वरूप भीड़ ने कई सिख परिवारों के घरों में आग लगा दी थी। राजनगर क्षेत्र में पांच सिखों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं ने देश भर में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। उनके निधन के साथ ही 1984 के दंगों से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति का अध्याय समाप्त हो गया है।
विज्ञापन

क्या था 1984 का सिख-विरोधी दंगा?
1984 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में सिख-विरोधी दंगे भड़क गए थे। वहीं कांग्रेस के एक और नेता जगदीश टाइटलर पर भी केस चल रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस नेता एचकेएल भगत और कमलनाथ भी सिख दंगों से जुड़े मामलों में आरोपी रह चुके हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें