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सज्जाद पर था मुस्लिम युवाओं को जिहादी बनाने का जिम्मा

Sat, 23 Mar 2019 10:36 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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एनआईए - फोटो : PTI
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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मुद्दसिर के करीब सज्जाद खान को यूपी व अन्य राज्यों के मुस्लिम युवाओं को जिहादी बनाने और जैश ए मोहम्मद में भर्ती करने का जिम्मा दिया गया था। उसे ऐसे युवकों को हथियार की ट्रेनिंग देने, विस्फोटक के बारे में बताने और फंड जुटाने के लिए भी कहा गया था।

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सज्जाद के दो बड़े भाई इशफाक और शौकत भी जैश के आतंकी रह चुके हैं और दोनों ही सुरक्षा एजेंसियों के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। मुद्दसिर का सज्जाद के घर पर लगातार आना जाना था। पुलवामा हमले के बाद वह भी मुठभेड़ में मारा जा चुका है। बताया जा रहा है कि सज्जाद 14 फरवरी को पुलवामा हमले से पहले ही दिल्ली आ गया था और तभी से फरार चल रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सज्जाद की गिरफ्तारी काफी अहम मानी जा रही है। कुछ समय पहले खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि जैश दिल्ली में बड़ा हमला कर सकता है। इस गिरफ्तारी के बाद ये पुख्ता हो गया है कि आतंकी राजधानी में किसी हमले की फिराक में हैं। 

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एनआईए ने अदालत में आधा घंटे की पूछताछ

पुलिस ने सज्जाद को शुक्रवार को पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल के सामने पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया। एनआईए ने इससे पहले उससे कोर्ट में 30 मिनट तक पूछताछ की।

सूत्रों के मुताबिक एनआईए ने सज्जाद का रिमांड मांगते हुए कोर्ट को बताया कि वह पुलवामा आतंकी हमले में दर्ज एफआईआर में नामजद नौ आरोपियों में से एक है।

दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएस खान ने रिमांड का विरोध करते कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है क्योंकि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य एनआईए के पास नहीं है।  
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