तुगलकाबाद में रविदास मंदिर को मूल स्थान पर बनवाने की मांग को लेकर संत समाज के नेतृत्व में शनिवार को फिर से जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया गया। संत रविदास साधू संप्रदाय के अध्यक्ष संत कुलवंत राम ने आमरण अनशन की शुरुआत की। धरने का समापन 10 अक्तूबर को तुगलकाबाद के संत रविदास मंदिर स्थल पर मत्था टेकने के बाद होगा।
संत कुलवंत राम ने कहा कि जब तक सरकार संत रविदास का मंदिर फिर से बनवाने की अनुमति नहीं देती, तब तक वह आमरण अनशन करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मंदिर तोड़े जाने के बाद गिरफ्तार किए गए 96 युवाओं को छोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि रविदास मंदिर के लिए समुदाय अपनी लड़ाई जारी रखेगा। अगर सरकार ने मंदिर को फिर से नहीं बनवाया तो इस आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। धरने में शामिल रविदास मंदिर के समर्थकों ने कहा कि सरकार लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।
धरने में जंतर-मंतर पर काफी संख्या में बहुजन समाज और संत समाज के लोग एकत्रित हुए। धरने में रविदासिया समाज के संत गुरदीप गिरि, बीबी कृष्णा बोपा राय, संत निर्मल सिंह, महासचिव साधू संप्रदाय (पंजाब), संत जसविंदर सिंह, संत टहलदास, संभल के डेरा रविदासी महाराज के अनेक संतों ने हिस्सा लिया।
इनके अलावा धरने में ऑल इंडिया आंबेडकर महासभा, भीम आर्मी, अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन, वाल्मीकि महासभा, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, द दिल्ली एससी वेलफेयर एसोसिएशन, आंबेडकर भवन और भारतीय बौद्ध महासभा के समर्थकों समेत अन्य संगठन शामिल हुए।