नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का वीडियो सामने आने के बाद सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार को पूरी स्थिति स्पष्ट की। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो दिल्ली हाईकोर्ट का लिखित आदेश आने से पहले 21 जुलाई को रिकॉर्ड किया गया था। वांगचुक के साथियों ने यह वीडियो अस्पताल परिसर के ऐसे स्थान पर बनाया, जहां वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं थी।
अस्पताल के अनुसार, उस दौरान वांगचुक मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर अस्पताल से जाने की मांग कर रहे थे। हाईकोर्ट का लिखित आदेश मिलने के बाद उसी दिन शाम 6:40 बजे उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल की डॉक्टरों की टीम को सौंप दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेश के बाद ही उन्हें आगे के इलाज के लिए ट्रांसफर किया गया। वायरल वीडियो में वांगचुक पुलिसकर्मियों से बहस करते दिखे, जबकि दूसरे क्लिप में उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने पुलिस पर नाराजगी जताई। ब्यूरो