देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर रविवार को साधु-संतों ने पुरानी दिल्ली के कई इलाकों में तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में पुरानी दिल्ली के गणमान्य व्यक्तियों व आम लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़े तथ्यों से जुड़ी बातें लिखी तख्तिया हाथों में ले रखी थी।
तिरंगा यात्रा का शुभारंभ आसफअली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर से शुरू हुआ और यात्रा का पुरानी दिल्ली के अनेक हिस्सों से गुजरने के बाद मंदिर में भी समापन हुआ। तिरंगा यात्रा को महंत श्रीरामकृष्णदास महात्यागी ने झंडी दिखा कर रवाना किया। इस मौके पर महंत श्रीरामकृष्णदास महात्यागी ने कहा कि देश की आजादी में प्रत्येक नागरिक की भूमिका रही थी।
इस कारण ही देश आजाद हो सका। देश के नेताओं ने आंदोलन करके अंग्रेजों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया, जबकि नौजवानों ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में भर्ती होकर विदेश से अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई एवं अन्य वीर महिलाओं ने भी अंग्रेजों को खदेड़ने के लिए बलिदान दिया और जेल में बंद हुई।