नई दिल्ली। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में युवा भरतनाट्यम नृत्यांगना तान्वी का अरंगेत्रम आयोजित हुआ। गुरु प्रिया श्रीनिवासन की शिष्या तान्वी ने पारंपरिक भरतनाट्यम की विभिन्न प्रस्तुतियों के जरिए वर्षों के प्रशिक्षण को मंच पर रखा। दूरदर्शन की श्रेणीबद्ध कलाकार तान्वी ने जटिल लयकारी के साथ भाव-अभिनय पर भी पकड़ दिखाई।
अलारिप्पु ने लय और शुद्ध नृत्य का वातावरण तैयार किया। राग कल्याणी और रूपक ताल में जतिस्वरम में पदचाप, मुद्राओं और लयकारी का संतुलन दिखा। मैया मोरी भजन में भाव पक्ष उभरा। धन्यासी राग और आदि ताल में ई मुवगु वर्णम प्रमुख आकर्षण रहा। दूसरे सत्र में गुरु और संगीत कलाकारों के सम्मान के बाद आनंद नटनम् प्रस्तुत किया गया। एरा रारा जावली में प्रेम और चंचलता की अलग रंगत दिखी। संवाद