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सदर बाजार अग्निकांड: घर में पीछे की ओर नहीं था कोई वेंटिलेशन, मोटे-मोटे शीशे और सिक्योरिटी सिस्टम बना बाधा

Thu, 04 Apr 2024 05:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

यह वह आखिरी बोल थे जो हाजी सालिम कुरैशी के मोबाइल पर उनकी बेटी गुलआशना ने कॉल करके कहे थे। मंगलवार को घर में आग लगने के बाद दोनों बहनों गुलआशना (15) और अनाया (13) ने खुद को अपने कमरे के बाथरूम में बंद कर लिया था। धुएं के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हो गई थी।
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गुलआशना (15) और अनाया (13) ने बचने के लिए खुद को अपने कमरे के बाथरूम में बंद कर लिया था। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को देश के बड़े मीट निर्यातक हाजी मोहम्मद सालिम शब्बो कुरैशी के घर में भीषण आग लग गई। पुलिस और दमकल की टीमें आग पर काबू पातीं, इससे पहले मीट निर्यातक की दो बेटियों गुलआशना (15) और अनाया (13) की दम घुटने से मौत हो गई। निर्यातक की पत्नी गुलिस्तां कुरैशी, नौकरों आदि ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचा ली, लेकिन उनकी दोनों बेटियां पहली मंजिल के बाथरूम में फंस गई थीं।

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घर में पीछे की ओर नहीं था कोई वेंटिलेशन
चमेलियान रोड, कुरैश नगर के जिस मकान में आग लगी थी उसको पुलिस ने मंगलवार को ही सील कर दिया था। बुधवार को पुलिस के अलावा एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। आग लगने की सही वजहों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगभग 750 गज के बंगले में मकान के पीछे की ओर कोई वेंटिलेशन नहीं है। ऐसे में हादसे के समय जानमाल की आशंका थी। यदि पीछे बालकनी या ओपन स्पेस होता तो शायद दोनों लड़कियों की जान बच सकती थी। इसकी पड़ताल की जा रही है।
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बचाव के घर में लगे मोटे-मोटे शीशे और सिक्योरिटी सिस्टम बना बाधा
दमकल विभाग की टीम पर पहले ही देर से पहुंचने के आरोप लगे थे। इसके बाद टीम मकान में दाखिल हो गई, लेकिन अंदर लगे सिक्योरिटी सिस्टम की वजह से उनको खासी दिक्कत हुई। सूत्रों का कहना है कि मकान के कमरे में मोटे-मोटे शीशे लगे थे। उनको घन की मदद से तोड़ने में खासी दिक्कत हुई। इसके अलावा अंदर घर में लगे सभी दरवाजों पर सेंसर लॉक थे। उनको खोलकर अंदर घुसने में खासी दिक्कत हुई। मकान बड़ा होने की वजह से अनजान आदमी के लिए तो भूलभुलैया था। बड़ी मशक्कत के बाद दोनों बहनों तक पहुंचकर उनको निकाला गया था। अस्पताल ले जाने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

रातभर लगा रहा लोगों का तांता...
दिल्ली के सदर बाजार स्थित कुरैश नगर (कसाबपुरा) में मंगलवार रात को शायद ही कोई सोया हुआ। पूरी रात भर हजारों लोगों की भीड़ हाजी सालिम कुरैशी उर्फ शब्बू के घर के बाहर जुटी रही। दिल्ली के अलावा दूरदराज के लोग भी बुधवार सुबह तक वहां आते रहे। मंगलवार रात को करीब 9.30 बजे हाजी सालिम लखनऊ से दिल्ली पहुंच गए। हादसे के बाद से उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन और रिश्तेदार उनको सांत्वना देने का प्रयास कर रहे थे। एक परिजन ने बताया कि गुलआशना और अनाया का दूसरे स्कूल में दाखिला होना था। मंगलवार को गुलिस्तां के भाई आसिफ अपनी बहन को बच्चों का स्कूल दिखाने के लिए करोल बाग ले गए थे। वहां से आने के बाद गुलिस्तां को लगा कि दोनों बेटियां शायद स्कूल चली गई हैं। आग लगने के बाद बच्चियों ने जब उनको कॉल किया तो उनके फंसे होने का पता चला।

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