कांग्रेस आलाकमान से नाराज चले रहे और राजस्थान के मुख्यमंत्री पद से अशोक गहलोत को हटवाने पर अड़े सचिन पायलट ने सोमवार की रात गुरुग्राम स्थित आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में ठहरे अपने साथी विधायकों के साथ अपनी भावी रणनीति तय की थी। इस दौरान ही पायलट समेत सभी डेढ़ दर्जन विधायकों ने मंगलवार को जयपुर नहीं जाने का निर्णय लिया था। दरअसल कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार को जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई थी।
कांग्रेस आलाकमान के कड़े रुख के बाद बैठक में जाने के संबंध में सोमवार की रात सचिन पायलट अपनी भावी रणनीति तय करने के लिए आईटीसी ग्रैंड भारत होटल पहुंचे। सूत्रों के अनुसार यहां रुके अपने समर्थक विधायकों को पार्टी के रुख से अवगत कराते हुए विधायक दल की बैठक के बारे में राय ली। इस दौरान अधिकतर विधायकों ने बैठक में नहीं जाने का सुझाव दिया। इसके अलावा उन्होंने पायलट से आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए डटे रहने की अपील की।
सूत्रों के अनुसार विधायकों की राय जानने के बाद पायलट ने कहा कि वे भी बैठक में नहीं जाना चाहते हैं। इस कारण वो सब यहां रहें और वह दिल्ली जा रहे हैं। दूसरी ओर होटल में ठहरे पायलट के करीबी विधायक भंवर लाल शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अशोक गहलोत के पास बहुमत है तो वह सदन में अपनी ताकत दिखाएं। उन्होंने कहा कि गहलोत के पास बहुमत नहीं है। इस कारण उन्होंने विधायकों को होटल में बंदी बनाया है।
आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में शुक्रवार से राजस्थान कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायजट के समर्थक डेढ़ दर्जन विधायक रूके हुए हैं। इन विधायकों के यहां आने के बाद से ही राजस्थान की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। इस कड़ी में कांग्रेस आलाकमान ने सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई, लेकिन इस बैठक में पायलट एवं उनके विधायक नहीं गए। इसके बाद कांग्रेस ने मंगलवार को फिर विधायक दल की बैठक बुलाने का निर्णय लिया और पायलट समेत सभी विधायकों को बैठक में आने का फरमान दिया था।