नई दिल्ली। दिल्ली में लैंड पूलिंग पॉलिसी और मास्टर प्लान 2041 में दिल्ली देहात मोर्चा ने सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। मोर्चा ने नीति को धीमा जहर करार दिया है। मोर्चा के संस्थापक राजीव यादव ने कहा कि सरकार किसानों को गुमराह कर उनकी जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
राजीव यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली की पहचान और राजधानी होने के बावजूद किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने इसके लिए भाजपा और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दी कि आने वाले समय में इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। यह पहली बार नहीं है, बल्कि 2018 में भी इसी तरह की खबरों के जरिए किसानों को भ्रमित किया गया था।
उन्होंने कहा कि अब किसान पहले की तरह नहीं हैं और वे किसी भी नीति को समझे बिना भरोसा नहीं करते। किसान अब सरकारी नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़कर ही निर्णय ले रहे हैं और केवल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कोई कदम नहीं उठा रहे। इस कारण सरकार की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लैंड पूलिंग पॉलिसी के जरिए किसानों की जमीनें धीरे-धीरे उनके हाथों से निकल सकती हैं। इसलिए इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की गई है। साथ ही, सरकार से यह भी कहा कि वह किसानों की जमीनों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाए। मोर्चा ने दिल्ली के किसानों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि अस्तित्व और भविष्य का सवाल है। अगर समय रहते विरोध नहीं किया गया, तो किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।