उत्तरी दिल्ली नगर निगम कि बृहस्पतिवार को हुई सदन की बैठक में विपक्ष के दल ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य अधिकारी के निलंबन को लेकर जमकर हंगामा किया। इस वजह से महापौर को मजबूरन स्थगन की बैठक को स्थगित करना पड़ा।
दरअसल, सदन की बैठक में दिल्ली सरकार द्वारा दी जाने वाले अनुदान राशि समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन हंगामे के कारण सदन ठीक से नहीं चल सका। नेता सदन योगेश वर्मा ने सदन की बैठक को शुरू किया।
इसके बाद विपक्ष की ओर से विपक्ष नेता विकास गोयल ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य अधिकारी के निलंबन की मांग की। इस पर जब महापौर ने जांच कराने का आश्वासन दिया तो विपक्ष के सभी पार्षद हंगामा करते हुए महापौर वेल में पहुंच गए।
इसके बाद मार्शल ने बलपूर्वक पार्षदों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन पार्षद महापौर के सामने ही अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। वहीं, कांग्रेस की ओर से भी कुछ पार्षदों ने विपक्ष के खिलाफ हंगामा करना शुरू कर दिया था। इसको देखते हुए महापौर ने कुछ समय के लिए बैठक को स्थगित किया।
कुछ देर बाद बैठक शुरू हुई तो विपक्ष ने फिर से हंगामा करना शुरू कर दिया था। इस बीच हंगामे में महापौर में कुछ प्रस्तावों को पास करते हुए सदन की बैठक को समाप्त किया।