विधानसभा सत्र का पहला दिन ही हंगामे के नाम रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति नहीं मिलने पर विपक्ष के चारों सदस्यों ने हंगामा करते हुए चर्चा के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
विजेंद्र गुप्ता व अन्य सदस्यों के तर्कों को विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने यह कहते हुए दरकिनार कर दिया कि सदन में पूरे देश की समस्या पर चर्चा नहीं होगी। विपक्ष प्रश्नकाल में तारांकित प्रश्न पूछे जाने पर बाधा बन रहा है।
कई बार उन्हें अध्यक्ष ने चेतावनी दी लेकिन उनके चुप न होने पर अध्यक्ष के आदेश पर गुप्ता को मार्शलों के जरिए पूरे दिन के लिए बाहर कर दिया गया।
उधर सत्ता पक्ष ने भी गुप्ता की मांग को खारिज करते हुए अध्यक्ष से उन्हें सदन से बाहर करने की मांग को लेकर हंगामा किया। आखिर अध्यक्ष ने उन्हें चुप रहने की कई बार चेतावनी दी, लेकिन जब नेता प्रतिपक्ष शांत नहीं हुए तो उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया।