मांड़ीखेड़ा गांव के आरटीआई कार्यकर्ता उमर मोहमद ने जब पंचायत में बने बीपीएल मकानों और विकास कार्यो के बारे में जानकारी मांगी तो सरपंच न ने केवल उसे कई महीनों तक आश्वासन दिया बल्कि आरटीआई आवेदन वापिस नहीं लेने पर डराया धमकाया।
शिकायत बीडीपीओ तक पहुंची तब ग्राम सचिव और सरपंच नरम हुए तथा माफी मांगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 मार्च को गांव मांडीखेड़ा के उमर मोहमद, बशीर ने आरटीआई आवेदन देकर खंड़ विकास एवं पंचायत अधिकारी से अपने गांव में हुए विकास कार्यो की सूचनाऐं मांगी।
अभी तक कोई जानकारी इन आरटीआई कार्यकर्ताओं को उपलब्ध नहीं कराई गई है जबकि बार बार उन्हें धमकिया मिल रही हैं। मंगलवार को आरटीआई कार्यकर्ता उमर मोहम्मद ने ग्राम सचिव पर डराने का अरोप लगाया।
कहा कि सरपंच के बाद सचिव संबंधित सूचनाऐं देने में आनाकानी कर रहा है। बीडीपीओ रतन सिंह ने फोन पर कहा कि मांडीखेड़ा ग्राम पंचायत की आरटीआई की अपील मेरे पास आई थी वो दोनों आरटीआई मांगने वाले मुझसे इस संबंध में मिले।
मैंने मौके पर ही ग्राम सचिव को आदेश दिये और जो आरोप उन्होंने लगाये उनकी भी संतुष्टि बिठाकर कर दी।