नोएडा के आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा की कार में मिले शव की पहचान के लिए पुलिस ने शव के नमूने डीएनए जांच के लिए भेज दिए हैं। डीएनए जांच के बाद पुलिस को पता चल सकेगा कि जिस व्यक्ति का शव कार से जली हालत में मिला था, उसके परिजन कौन हैं। इसके आधार पर पुलिस आरोपी के खिलाफ और शिकंजा कस सकेगी। बृहस्पतिवार को सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल से सैंपल हैदराबाद के लिए भेजे गए।
मालूम हो कि चंद्रमोहन की कार से मिले शव की जब पुलिस ने शिनाख्त कराने की कोशिश की तो एक व्यक्ति ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। पुलिस ने असली परिजनों का पता लगाने के लिए डीएनए जांच कराने का फैसला किया है। बृहस्पतिवार को सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में पुलिस ने कार से मिले शव का नमूना पुलिस को सौंप दिया।
अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग ने परिजन के नमूनों के साथ हड्डी का सैंपल हैदराबाद स्थित एफएसएल फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा है। गौरतलब है कि एक मई को उसकी कार से जली हालात में एक शव बरामद हुआ था। उस समय शव की पहचान चंद्रमोहन के रूप में की गई थी। लेकिन बाद में पुलिस ने उसे उसकी प्रेमिका के साथ बंगलूरू से गिरफ्तार कर लिया।