सिंघल के नाम ऑडिटोरियम
तीन विशाल ऑडिटोरियम भी बनाए गए हैं। इनमें से एक ऑडिटोरियम को विहिप के दिवंगत नेता अशोक सिंघल का नाम दिया गया है। इसकी बैठक क्षमता 1,300 लोगों की है। इसकी 10वीं मंजिल पर केशव पुस्तकालय बनाया गया है। संघ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के लिए पांच बेड वाला अस्पताल बनाया गया है। इनके भोजना की व्यवस्था के लिए आधुनिक कैंटीन का भी निर्माण किया गया है।
75 हजार से ज्यादा लोगों ने किया सहयोग
सूत्रों की माने तो इस भव्य भवन 'केशवकुंज' की लागत लगभग 150 करोड़ रुपये आई है। ये लागत हिंदुत्व विचारधारा से जुड़ी 75,000 से ज्यादा लोगों के योगदान से जुटाई गई। बता दें कि यह परियोजना आठ साल से अधिक समय से चल रही थी, जिसमें कोविड-19 महामारी के कारण काफी देरी हुई।
अनूप दवे ने किया है डिजाइन
देखा जाए तो नई इमारत पहले की दो मंजिला इमारत से काफी अलग है। इसमें आधुनिक तकनीक और पारंपरिक वास्तुकला का संयोजन किया गया है, जिससे यह हवादार और सूर्य की रोशनी से भरपूर है। इसे गुजरात के वास्तुकार अनूप दवे ने डिजाइन किया है। इसमें तीन टावर हैं, जिनका नाम साधना, प्रेरणा और अर्चना रखा गया है।
कार्यालय के परिसर में क्या-क्या
नई इमारत में एक बड़ा सभागार भी है, जिसका नाम राम मंदिर आंदोलन से जुड़े विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा, इस परिसर में पुस्तकालय, स्वास्थ्य क्लिनिक और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी हैं। यहां सौर ऊर्जा का उपयोग भी किया जा रहा है। इसके साथ ही आरएसएस से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिकाओं पंचजन्य और ऑर्गनाइजर के अलावा, सुरुछि प्रकाशन, का कार्यालय भी इस परिसर में होगा।