शासन के आदेश के बावजूद बढ़ी फीस अभिभावकों को नहीं लौटाने वाले 17 निजी स्कूल संचालकों पर शनिवार को शुल्क नियामक समिति ने 8.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सेक्टर-27 स्थित डीएम कार्यालय पर अभिभावक एसोसिएशन और स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया। समिति ने एक हफ्ते में फीस वापस नहीं करने पर जुर्माना राशि और बढ़ाने की चेतावनी दी है।
समिति के अध्यक्ष डीएम बीएन सिंह, सचिव डीआईओएस प्रवीण उपाध्याय, सदस्य कामिनी भसीन और प्रशांत सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में अभिभावकों ने बताया कि 17 स्कूल संचालकों ने अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं दिया है। अभिभावकों ने 31 स्कूलों की शिकायत की थी लेकिन एक निजी स्कूल संचालक बैठक में शामिल नहीं हुए। ऐसे में उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि अन्य 30 स्कूलों में से 17 पर 10 हजार से 75 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।
बाकी 13 स्कूल प्रबंधकों को डीएम ने चेतावनी दी कि अभिभावकों से बतौर एडवांस लिए गए 5 हजार रुपये उन्हें एक सप्ताह में वापस करें अन्यथा उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कमेटी के समक्ष अभिभावक बृजेश गुर्जर, मनीष सिंह, राकेश खंडेलवाल व मनीष गुप्ता ने बताया कि शिकायत के बावजूद उन्हें विश्व भारती स्कूल प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया। स्कूल की फीस और शिक्षकों के वेतन में वर्ष 2015 से काफी अंतर है।