फेज-दो कोतवाली क्षेत्र के भंगेल बाजार में लगे एचडीएफसी बैंक के एटीएम बूथ से संदिग्ध हालात में करीब 35 लाख रुपये गायब हो गए। एटीएम को न तोड़ा गया है और न काटा गया है। रुपयों के साथ मशीन की डिवाइस भी गायब हो गई है। पुलिस और बैंक में कैश डालने वाली एजेंसी के कर्मचारियों पर संदेह जताया है।
इंस्पेक्टर आजाद सिंह तोमर ने बताया कि एचडीएफसी बैंक के सड़क किनारे लगे एटीएम में शनिवार शाम करीब 8 बजे सीएनएस कंपनी की ओर से सतपाल और प्रशांत रुपये डालने गए थे। उस समय गार्ड मनीष ड्यूटी से जा चुका था। वे एटीएम में डालने के लिए 17 लाख रुपये लाए थे और 19 लाख रुपये उसमें पहले ही थे। सीएनएस कंपनी का दावा है कि उनकी ओर से 17 लाख रुपये डाल दिए गए थे, मगर 6:40 बजे एटीएम का सीसीटीवी कैमरा बंद था। रात करीब 10 बजे मनीष फिर गया और एटीएम को बंद कर आया, चूंकि उस समय एटीएम की स्क्रीन काम नहीं कर रही थी। रातभर एटीएम बंद रहा।
गार्ड मनीष का भाई एसबीआई में गार्ड है। वह सुबह करीब 8 बजे अपनी ड्यूटी खत्म करके एचडीएफसी बैंक के एटीएम पहुंचा और उसे साफ-सफाई करते हुए खोलकर घर चला गया। उस समय भी मशीन बंद थी और स्क्रीन काम नहीं कर रही थी। एक-दो लोग आए, लेकिन कैश नहीं होने के कारण लौट गए। इस बात की सूचना गार्ड को पास के किसी व्यक्ति ने दी। उसने कंपनी को सूचना दी तो कर्मचारी पहुंचे और पड़ताल में मशीन से एचडीआर गायब पाई। मशीन में चाबी लगाकर खोला गया तो एक लाख 15 हजार रुपये उसमें पाए गए। इसके बाद बैंक और पुलिस को घटना की जानकारी मिली। पुलिस ने पड़ताल में पाया कि एटीएम से 35 लाख रुपये गायब हैं।
एटीएम और उसमें लगे सीसीटीवी कैमरों से कोई छेड़छाड़ होती है तो सूचना बैंक और मैनेजमेंट करने वाली कंपनी के पास पहुंच जाती है। इस मामले में सीएमएस कंपनी ने सीसीटीवी खराब होने के कई घंटे के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। कंपनी और बैंक दोनों ने मिलकर करीब 14 घंटे तक इस मामले को दबाए रखा। रविवार रात 9 बजे पुलिस को सूचना दी गई और सोमवार देर रात तक बैंक व कंपनी की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।