एलएनजेपी अस्पताल में जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के नाम सैलरी अकाउंट खोलकर 1.29 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने 2012 से 2014 के बीच 10 डॉक्टरों के फर्जी अकाउंट में रुपये ट्रांसफर करा लिए। वर्ष 2015 में हुई ऑडिट हुई में इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। तभी से मामले की छानबीन जारी थी। अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर बुधवार को आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। फिलहाल मामले में कोई गिरफ्तारी नही हुई है।
पुलिस के मुताबिक अस्पताल प्रशासन की ओर मिली शिकायत में बताया गया था कि वर्ष 2012 से 2014 के बीच अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने 10 डॉक्टरों के नाम से फर्जी अकाउंट खोले। उनमें कुछ महिला डॉक्टरों के नाम भी शामिल थे। धीरे-धीरे इन खातों में सैलरी के नाम पर 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। वर्ष 2015 में इसका खुलासा होने के बाद छानबीन शुरू हुई। मामले में एक क्लर्क को दोषी पाकर उसे निलंबित कर दिया गया। तत्कालीन एमएस वाईके सरीन व एक अन्य अधिकारी ने जांच रिपोर्ट दाखिल की थी। मामले में कुछ रुपयों की रिकवरी भी की जा चुकी है।
अब अस्पताल प्रशासन के कहने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जिन डॉक्टरों के नाम पर अकाउंट खोले गए क्या उनका मामले में कोई रोल है या नहीं।