मौत के साये में रहने को मजबूर मजदूर
जिस जर्जर इमारत (डी-35, राणा प्रताप बाग) में यह हादसा हुआ, वह काफी पुरानी और खस्ताहाल है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस खतरनाक ढांचे के अंदर मजदूर रह रहे थे, जो हर दिन अपनी जान हथेली पर रखकर वहां गुजर-बसर कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस इमारत के मालिक का नाम सुनील कपूर है, जो मॉडल टाउन के डेरावल नगर का निवासी है।
दहशत का माहौल
दोपहर करीब 3:16 बजे भारत नगर थाने में इमारत गिरने की कॉल आई। सूचना मिलते ही एएसआई मनबीर और एसएचओ (भारत नगर) तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के साथ-साथ मौके पर टीपीडीडीएल, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), फायर ब्रिगेड और एमसीडी की टीमें भी मुआयना करने पहुंचीं। मौके पर जांच में पता चला कि इमारत पूरी तरह नहीं गिरी है, बल्कि अंदर से छत का एक हिस्सा गिरा है। गनीमत रही कि मलबे की चपेट में कोई मजदूर नहीं आया।
एमसीडी को सौंपी गई जांच, मालिक को चेतावनी
इस लापरवाही के बाद पुलिस ने एमसीडी को इमारत की जर्जर हालत के बारे में सूचित कर दिया है, ताकि इसके स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर सख्त और जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके अलावा, भवन मालिक सुनील कपूर को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वह सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम पुख्ता करे, ताकि इमारत में रह रहे मजदूरों की जान को कोई खतरा न हो।