बुधवार को पुलिस को गैंग के सदस्यों के विजय विहार के श्मशान घाट रोड के पास आने की जानकारी मिली। उसके बाद पुलिस टीम ने वहां घंराबंदी कर दी। इसी बीच पुलिस ने पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को स्कूटी चलाकर आते देखा। उसके साथ ही दूसरी स्कूटी पर दो अन्य लोग सवार थे।
पुलिस ने उन्हें रोका। वर्दी पहने व्यक्ति से पुलिस ने उसकी तैनाती वगैरह के बारे में पूछताछ की, जिसका वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। तलाशी के दौरान उसके पास से सब इंस्पेक्टर का फर्जी पहचान पत्र मिला। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच पड़ताल करने पर पता चला कि नीरज पर बहादुरगढ़ और सोनीपत हरियाणा में शस्त्र अधिनियम के दो मामले जबकि पश्चिम विहार थाने में हनी ट्रैप कर उगाही के मामले दर्ज हैं। उगाही के मामले में वह एक साल जेल में बंद था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फेसबुक के जरिए वह अमीर और अकेले रहने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। पुलिस गैंग में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
महिला से करवाते थे दोस्ती, फिर कमरे पर बुलाकर करते थे उगाही
पूछताछ में पता चला कि फेसबुक के जरिए आरोपी अपने गैंग की महिला सहयोगी के साथ पीड़ितों की दोस्ती करवाते थे। उसके बाद महिला के जरिए गैंग पीड़ितों को मिलने के बहाने एक फ्लैट में बुलाते थे। जहां कमरे में रहने के दौरान आरोपी पुलिस की वर्दी में वहां पहुंचते थे। फिर पीड़ित को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उन्हें पैसे देने के लिए बाध्य कर देते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पीड़ित ने इनके खिलाफ शिकायत नहीं की है। हालांकि आरोपियों से पूछताछ करने पर कुछ लोगों से उगाही करने की बात सामने आई है। पुलिस पीड़ितों का बयान लेकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करेगी। फिलहाल पुलिस ने इनके खिलाफ विजय विहार थाने में एक मामला दर्ज किया है और मामले की छानबीन कर रही है।