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रोबोटिक तकनीक से तंग गलियों में साफ होगा सीवर, दिल्ली सरकार तलाश रही संभावना

Fri, 22 Feb 2019 02:30 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीवर (सांकेतिक तस्वीर)
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दिल्ली सरकार सीवर सफाई के मशीनीकरण के साथ रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल की संभावना पर काम कर रही है। तंग गलियों में सीवर सफाई के लिए रोबोट के विकल्प का सहारा लिया जाएगा।  मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बृहस्पतिवार को आईआईटी, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जेन रोबोटिक्स के विशेषज्ञों के साथ बैठक में इसका फैसला लिया। इसमें उत्तर रेलवे, जल बोर्ड, कैंटोनमेंट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।  

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बैठक में राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि दिल्ली सरकार इस अमानवीय प्रथा को खत्म करने के लिए अपने स्तर पर कोशिश कर रही है। इसमें खासतौर से सीवर सफाई का मशीनीकरण किया जा रहा है। लेकिन अभी भी तंग व छोटी गलियों के लिए विकल्प खोजे जाने की जरूरत है। यह तभी संभव होगा, जब इसके लिए रोबोटिक प्रणाली का सहारा ले। मंत्री ने इसके लिए तकनीकी समाधान और संभावनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। 

कमेटी गठन का फैसला
मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के सुझाव पर बैठक में रोबोटिक तकनीक की संभावनाएं तलाशने के लिए एक समिति के गठन का फैसला किया गया। इसमें आईआईटी, डीटीयू, नेताजी सुभाष टेक्निकल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ शामिल होंगे। कमेटी रोबोट तकनीक को दिल्ली के अनुकूल बनाने की दिशा में काम करेगी।
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तीन राज्यों में बैंडिकूट रोबोट कर रहा सीवर की सफाई
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल ही में केरल में जेन रोबोटिक्स ने बैंडिकूट नाम का एक रोबोट विकसित किया है। इसे केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कई जगहों पर इस्तेमाल भी किया जा रहा है। बैंडिकूट को मैनहोल के पास सड़क पर खड़े होने के लिए सिर्फ एक मानव ऑपरेटर की आवश्यकता होगी। कैमरों के साथ मशीन 360 डिग्री पर घूमता रोबोट सीवर को साफ कर देगा। हालांकि, आईआईटी विशेषज्ञों ने माना कि रोबोट दिल्ली की स्थिति के लिए नहीं बनाया गया है।

विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि मैनहोल में सेंसर का उपयोग करने की संभावना की जांच होनी चाहिए। सेंसर को सीवर/ सेप्टिक टैंक में लगाने से मेनहोल में जहरीली गैसों की स्थिति पहले ही पता लग जाएगी। वहीं, सीवर की गहराई, व्यास आदि के डेटाबेस की जानकारी दर्ज करने के लिए जल बोर्ड को एक कंट्रोल रूम बनाना होगा। 

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