अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने ट्रायल कोर्ट के समन वाले आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका में झूठे और गलत बयान दिए हैं। ईडी की ओर से वकील जोहेब हुसैन ने जस्टिस मनोज जैन की अदालत में कहा कि वाड्रा ने गलत दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए कुछ अपराध पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की अनुसूची में बाद में जोड़े गए थे। हुसैन ने अदालत से कहा कि यह याचिका लागत के साथ खारिज होनी चाहिए। हमने सभी बेयर एक्ट्स निकालकर जांच की है। पूरी तरह झूठे सबमिशन हैं। सेक्शन 467 आईपीसी शुरू से ही पीएमएलए शेड्यूल में था। यह एक्स फेसिए झूठे और गलत बयान हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 को ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग मामले की शिकायत पर संज्ञान लिया था और रॉबर्ट वाड्रा को समन जारी किया था। वाड्रा ने इस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने वाड्रा की ओर से बहस करते हुए कहा कि कुछ आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अपराध 2008-2012 के कथित अपराध के बाद पीएमएलए शेड्यूल में जोड़े गए थे। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को ट्रायल कोर्ट में उठाया गया था, लेकिन उस पर कोई फैसला नहीं हुआ। अदालत ने ईडी की दलीलों को सुनने के बाद मामले की सुनवाई 18 मई (सोमवार) के लिए स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने सिंघवी से कहा कि वे इस पहलू पर पूरी तैयारी के साथ आएं, क्योंकि यही उनका मुख्य तर्क है।