डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि यह गिरोह भोली-भाली लड़कियों और महिलाओं को शादी का झांसा देकर अपने गिरोह में शामिल करता था। शादी के इच्छुक व्यक्तियों से संपर्क कर मोटी रकम लेकर शादी तय की जाती थी। शादी के बाद दुल्हन बने गिरोह की महिलाएं गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थीं।
कई बार ये महिलाएं विदाई के नाम पर घर से भाग जाती थीं। गिरोह की मुखिया मालती दुल्हन की माता या मौसी बनकर शादी कराने में सहयोग करती थी। गिरोह ने सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी। पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से एक लड़की को सुरक्षित ढूंढकर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
गिरोह भोले-भाले व्यक्तियों को शादी के लिए फंसाकर उनसे पैसे वसूलता था। शादी के बाद दुल्हन बनी महिला गहने और नकदी लेकर भाग जाती थी। गिरफ्तार अभियुक्तों पर पहले भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। प्रदीप पर बुलंदशहर और अलीगढ़ में धोखाधड़ी और अन्य अपराधों के मुकदमे हैं। आमिर, संतोष और मालती पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।