निजी बस ऑपरेटरों को परमिट जारी किए जाने के विरोध में मंगलवार को रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। इस कारण कई बसों का पहिया जाम हो गया। हड़ताल से दैनिक बस यात्रियों को खासी परेशानी हुई। सरकार के फैसले से गुस्साए कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी भी की।
दरअसल, प्रदेश सरकार ग्रामीण रूट पर बसों का संचालन सुधारने के लिए प्राइवेट बस ऑपरेटरों को परमिट जारी करना चाहती है। हाल ही में पलवल में 14 और झज्जर में 15 बसों के परमिट दिए गए हैं। लेकिन, रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने इस योजना के शुरू होने से पहले ही हल्ला मचाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को यूनियन के आह्वान पर डिपो स्तर पर दो घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया। कई ड्राइवर व कंडक्टर अपनी बसों को छोड़ धरने में शामिल हो गए।
सुबह करीब 10 बजे रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो प्रधान जितेंद्र धनखड़ की अध्यक्षता में धरना शुरू किया। इस मौके पर डिपो महासचिव रविंद्र नागर ने कहा कि सरकार द्वारा जो निजी परमिट देने का फैसला लिया है, वह जनविरोधी व कर्मचारी विरोधी है। प्रदर्शन को कर्मचारी नेता रामआसरे, जयपाल, सुरेश ने भी संबोधित किया।