हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार को जिले में रोडवेज की बसें नहीं चलीं। सोमवार आधी रात से जिले में सभी रोडवेज वाहनों के पहिये थम गए। करीब 150 रोडवेज की बसों के नहीं चलने के कारण 30 हजार से अधिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
निजी वाहन, ओला-ऊबर ऑटो व कैब के जरिये अपने गंतव्य तक लोग पहुंचे। सिटी बसें नहीं मिलने से सुबह सड़कों पर लोगों को हुजूम देखने को मिला, तो कुछ सार्वजनिक वाहन की तलाश में भटकते रहे। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को 10-20 रुपये की जगह 100 रुपये से अधिक खर्च करने पड़े। वहीं, हड़ताल के कारण रोडवेज को एक दिन में 14.55 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
रोडवेज की बसें नहीं चलने के कारण निजी बसें और ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला। वहीं हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो के आगे बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुरुग्राम बस डिपो में लंबे रूट की 89 बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं।
करीब 55 सिटी बसें शहर के विभिन्न रूटों पर चलती हैं और 18 वोल्वो बसें चलती हैं। मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी और प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया था। ऐसे में रोडवेज यूनियन नेताओं ने सोमवार रात को ही बस डिपो में अपना डेरा डाल दिया था।
सिटी बसें नहीं चलने के कारण इफ्को चौक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सेक्टर-12 चौक पर यात्रियों को अन्य वाहनों का रुख करना पड़ा। नए गुरुग्राम, हूडा सिटी सेंटर, सेक्टर-29, इफ्को चौक जाने वाले यात्रियों को निजी बसों और ऑटो का सहारा लेना पड़ा।