-सेतु निगम की टीम मौके पर बुलाई गई, नोएडा प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की से भी शुरू करवाई जांच
-रविवार को सेक्टर-33 के सामने हुआ था गड्ढा, भरे जाने के बाद नहीं टिका, दायरा बढ़ा तो वाहनों का आवागमन रुकेगा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-27 से सेक्टर-60 तक बने नोएडा एलिवेटेड रोड पर तीसरे दिन फिर गड्ढा हो गया। सेक्टर-33 के सामने सेक्टर-18 की ओर जाने वाली सड़क पर मंगलवार को बिटुमिन की परत धंसने के साथ नीचे की कंक्रीट भी उखड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने मौके पर बैरिकेडिंग करवा दी है।
सड़क धंसने के कारणों का पता लगाने के लिए आईआईटी रुड़की और सेतु निगम की मदद से तकनीकी जांच शुरू कराई गई है। जांच के बाद ही मरम्मत कराई जाएगी। फिलहाल गड्ढे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि, इसके दोबारा होने से एलिवेटेड रोड के निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं।
प्राधिकरण के इंजीनियरों के मुताबिक, गड्ढा करीब आधा वर्ग मीटर क्षेत्र में हुआ है। सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत का टूटना या धंसना सामान्य मरम्मत से ठीक किया जा सकता है, लेकिन इस बार नीचे की कंक्रीट भी उखड़ी मिली है। हालांकि, स्टील का ढांचा मौजूद है। ऐसे में गड्ढे का दायरा बढ़ने की आशंका चिंता का विषय है। जरूरत पड़ने पर इस हिस्से से वाहनों का आवागमन भी रोका जा सकता है।
आईआईटी रुड़की करेगी तकनीकी जांच
मंगलवार को मौके पर पहुंचे सेतु निगम के इंजीनियर भी सड़क धंसने की वजह का पता नहीं लगा सके। इसके बाद संरचनात्मक जांच कराने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की को एलिवेटेड रोड की ड्राइंग और डिजाइन उपलब्ध करा दी हैं। बुधवार या बृहस्पतिवार को आईआईटी के इंजीनियर मौके का निरीक्षण कर सकते हैं। जांच में सड़क की ऊपरी परत के साथ नीचे की कंक्रीट और संरचना की स्थिति भी देखी जाएगी। तकनीकी जांच के बाद ही गड्ढा होने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
रविवार को भी इसी स्थान पर धंसी थी सड़क की ऊपर परत
रविवार को इसी स्थान पर सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत धंस गई थी। प्राधिकरण ने मरम्मत कराकर वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया था, लेकिन मंगलवार को उसी जगह दोबारा गड्ढा हो गया। इससे मरम्मत की गुणवत्ता और सड़क की आंतरिक संरचना को लेकर चिंता बढ़ गई है।
480 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण
करीब 4.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। परियोजना का काम 15 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ था और इसे 14 अक्तूबर 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2017-18 में इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके बाद वर्ष 2024 में प्राधिकरण ने सड़क की रिसर्फेसिंग भी कराई थी।
यातायात के लिए अहम है एलिवेटेड रोड
मास्टर प्लान रोड-2 पर फिल्म सिटी फ्लाईओवर से सेक्टर-60 अंडरपास तक बना यह एलिवेटेड रोड शहर की यातायात व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसके जरिये नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और डीएससी रोड से आने वाले वाहन गाजियाबाद, नोएडा के सेक्टर-58, 59, 60, 62, 63, 65, 120, 121, 73, 122 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर सीधे जा सकते हैं। इससे नीचे सेक्टर-27, 28, 33 और 53 के तिराहों व चौराहों पर यातायात का दबाव कम रहता है। मास्टर प्लान रोड-3 पर भी वाहनों का दबाव घटता है।
सितंबर में रैंप पर भी धंसी थी सड़क
इससे पहले 15 सितंबर को सेक्टर-28 के सामने एलिवेटेड रोड के रैंप पर सड़क धंस गई थी। शुरुआत में गड्ढा छोटा दिखाई दिया, लेकिन मरम्मत के दौरान करीब 10 फीट के दायरे में सड़क के नीचे लगभग 12 फीट गहराई तक खोखलापन मिला था। नीचे की मिट्टी बह चुकी थी। पानी पहुंचने से मिट्टी के कटाव की आशंका जताई गई, लेकिन पाइपलाइन में रिसाव नहीं मिला। उस घटना का कारण भी अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
एलिवेटेड रोड पर गड्ढा होने के कारणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जरूरी मरम्मत कराई जाएगी। मौके पर बैरिकेडिंग कराई गई है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।- एसपी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण