दिल्ली का पानी रोकने के लिए पुलिस और किसानों के बीच साढ़े चार घंटे खूनी संघर्ष चला। पुलिस ने किसानों को रेगुलेटर पर आने से रोकने के लिए आसू गैस के गोले, रबड़ की गोलियां, पानी की बौछार के साथ जमकर लाठी-चार्ज किया, वहीं किसान पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाते रहे। ढाई बजे डीआईजी के सत्यनारायण के पहुंचने के बाद खूनी संघर्ष बंद हुआ।
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रालोद और भाकियू के नेतत्व में मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, मथुरा, मोदीनगर, गाजियाबाद, शामली आदि स्थानों से किसान सुबह दस बजे से कांवड़ मार्ग पर पहुंचने शुरू हो गए थे। करीब 10:30 बजे किसानों ने अबूपुर गांव के रास्ते रेगुलेटर पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठी-चार्ज करते हुए किसानों को खदेड़ दिया।
इसी बीच मोदीनगर रालोद विधायक सुदेश शर्मा कार्यकर्ताओं के साथ अबूपुर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए रेगलुटर की ओर बढ़ने लगे। पुलिस द्वारा की गई बेरिकेटिग को धराशायी कर किसान रेगलुटर पुल तक पहुंच गए थे, लेकिन तभी पुलिस ने दमकल की गाड़ी से पानी की बौछार से किसानों को रोका और लाठी बरसनी शुरू कर दी।
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किसानों की ओर से पुलिस प्रशासन पर जमकर बरसी ईंटे
किसानों ने पथराव किया तो पुलिस ने रबड़ बुलेट से फायरिंग शुरू कर दी। रबड़ की गोली लगने से विधायक सुदेश शर्मा, अलीगढ़ विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
इसके चलते किसानों का गुस्सा फूट गया और बागपत की ओर से भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, छपरौली विधायक वीरपाल राठी बेरिकेटिंग पर रूके किसान गोली एवं लाठी झलते हुए रेगलुटर की ओर बढ़ने लगे। इस खूनी संघर्ष में छपरौली विधायक वीरपाल राठी भी घायल हो गए।
एसएसपी धमेंद्र सिंह, एसओ मुरादनगर आरपी शर्मा, दरोगा छतर सिंह विजयनगर थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह, सिपाही नितिन त्यागी,रणजीत, धमेंद्र चौहान, गजेंद्र सिंह, मुकेश डबास, पुष्पेंद्र समेत करीब बीस पुलिस कर्मी घायल हो गए। दोपहर करीब ढाई बजे मेरठ से डीआईजी के सत्यनारायण मौके पर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई को रुकवाया।
डीआईजी ने भाकियू एवं रालोद नेताओं से बातचीत की। करीब 30 मिनट चली बैठक के बाद 25 किसानों को डीएम एवं एसएसपी के साथ रेगुलेटर पर पहुंचकर पानी बंद करने की बात तय हुई, लेकिन किसानों का हुजूम रेगुलेटर पर पहुंच गया और पानी सप्लाई रोककर वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। अपने उच्चाधिकारियों के आदेश के चलते पुलिस बेबस खड़ी किसानों को उपद्रव देखती रही।
रालोद मुखिया के लिए बवाल
रालोद मुखिया अजित सिंह के आशियाने को पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह का स्मारक बनाने की मांग को लेकर पुलिस और किसानों के बीच जमकर बवाल हुआ। दिल्ली का पानी रोकने गंगनहर पहुंचे रालोद और भाकियू के बैनर तले हजारों किसानों पर पुलिस ने रबड़ बुलेट चलाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ नहीं रुकी तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। गुस्साए किसानों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
खूनी संघर्ष में एसएसपी के अलावा रालोद के चार विधायक और बीस पुलिसकर्मियों समेत समेत 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। किसानों ने करीब चार घंटे तक दिल्ली की जल सप्लाई को ठप रखा। दिल्ली में 40 फीसदी पानी की सप्लाई यहीं से की जाती है। बवाल के दौरान दिल्ली-मेरठ हाईवे बंद रखा गया। करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
बवाल में एक किसान के मरने की अफवाह भी उड़ी, मगर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। आईजी आलोक शर्मा का कहना है कि भीड़ पहले से ही पत्थर और बॉटल लेकर आई थी। पूर्व घोषणा के मुताबिक रालोद और भाकियू के नेतृत्व में सुबह दस बजे किसान एकत्र होकर मुरादनगर कांवड़ मार्ग स्थित रेगुलेटर पर पहुंचे। बसों में सवार होकर मुजफ्फरनगर से आगरा-मथुरा तक के करीब 10-12 हजार किसान मौके पर पहुंचे।
किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस-पीएसी आंसू गैस के गोले, रबड़ की गोलियां बरसाने के साथ ही लाठीचार्ज कर दिया। इससे मोदीनगर रालोद विधायक सुदेश शर्मा, छपरौली विधायक वीरपाल राठी, अलीगढ़ के बरौली विधायक दलबीर सिंह, खैर विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी और एसएसपी धर्मेंद्र सिंह समेत 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
किसानों ने सोनिया विहार और भगीरथी हैंड रेगुलेटर पर कब्जा कर लिया। करीब चार घंटे बाद सप्लाई दोबारा सुचारु की जा सकी। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदर्शन के मामले में कुल 60 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 12 लोगों को गिरफ्तार पुलिस लाइन लाया गया था। देर शाम मुचलका भर कर सभी को छोड़ दिया गया।
‘यूपी सरकार से हमारा कोई विवाद नहीं है। यूपी सरकार को चाहिए कि वह 12 तुगलक रोड स्थित बंगले को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखे। दिल्ली के लोग प्यासे रहें यह भी किसान नहीं चाहते। इसी केचलते सप्लाई शुरू की गई है। 23 सितंबर को दिल्ली में एक बैठक के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी।’ - राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भाकियू
‘पुलिस ने अंग्रेजों की तरह तानाशाही की है। निहत्थे किसानों पर लाठीचार्ज करके रबड़ की गोलियां बरसाई गई हैं। यह निदंनीय है।’ - सुदेश शर्मा, विधायक मोदीनगर