दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप), भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद समेत कई पार्टियों ने कमर कस ली है। आप ने सभी 70 जबकि भाजपा 57 और कांग्रेस ने 54 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसी बीच अब कांग्रेस को दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजद के रूप में एक साथी मिल गया है। रविवार को मीडिया से बात करते हुए राजद के नेता मनोज झा ने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारे समझौते के अनुसार राजद चार सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। ये चार सीटें बुराड़ी, किराड़ी, उत्तम नगर और पालम हैं।
इधर, विधानसभा चुनाव के लिए टिकट का एलान होने के साथ ही तीनों मुख्य राजनीतिक पार्टियों में विरोध का स्वर तेज हो गया है। टिकट के दावेदार रहे नेता जी के समर्थक सड़क पर उतर आए हैं। रविवार को कांग्रेस और भाजपा कार्यालय में विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी रहा।भाजपा कार्यालय के सामने लक्ष्मीनगर विधानसभा क्षेत्र से दिनेश प्रताप सिंह को टिकट नहीं मिलने से नाराज समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं के साथ ऑटो चालक भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। प्र्रदर्शनकारी लक्ष्मीनगर विधानसभा से अभय वर्मा को टिकट मिलने से नाराज थे। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी पर टिकट के बंटवारे में भेद-भाव का आरोप मढ़ा। दिनेश प्रताप सिंह के समर्थकों का कहना था कि हारे हुए प्रत्याशी को चुनाव लडृने का कोई औचित्य नहीं है।
उधर, कांग्रेस पार्टी में भी विरोध के सुर उठने लगे हैं। आरके पुरम विधानसभा की कांग्रेस प्रत्याशी प्रियंका सिंह के खिलाफ प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ता ने महिपाल यादव के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रियंका सिंह का नाम वापस लेने की मांग प्रदर्शनकारियों ने की। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि टिकट के बंटवारे में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।