प्लास्टिक उद्योग में भी बढ़ी महंगाई
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि का असर प्लास्टिक उद्योग पर भी पड़ा है। पॉलीमर और रेजिन जैसे कच्चे माल महंगे हो गए हैं। राजधानी के प्रमुख प्लास्टिक बाजार सदर बाजार ,ओखला इंडस्ट्रियल एरिया और बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
सप्लाई चेन और वैश्विक असर
बाजारों के मामलों के आर्थिक विशेषज्ञ ऋषि जैन ने बताया कि युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। कच्चे माल की कमी और आयात में देरी के चलते कीमतों में तेजी आई है। इसका असर अब सीधे तौर पर स्थानीय बाजारों पर पड़ रहा है। चांदनी चौक के इमरान ने बताया कि ग्राहक अब केवल जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं।
ग्राहकों की जेब पर बढ़ रहा बोझ
महंगाई का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आरके पुरम निवासी सुनीता ने बताया कि पहले हम त्योहारों या जरूरत के समय कपड़े आसानी से खरीद लेते थे, लेकिन अब कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि सोच-समझकर ही खरीदारी करनी पड़ती है। घरेलू उपयोग के प्लास्टिक सामान खरीदने आए राकेश कुमार ने बताया कि हर चीज महंगी हो गई है।