तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी आदमी ही नहीं चिड़ियाघर में रह रहे जानवर भी परेशान हैं। गर्मी और लू से बचाने के लिए जानवरों के डाइट प्लान में भी बदलाव किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों से जिस तरह पारा चढ़ा है, जानवरों को पानी की अधिक मात्रा वाले फल जैसे खरबूज, तरबूज, खीरा, ककड़ी के साथ ग्लूकॉन वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी गई है।
यही नहीं उन्हें ठंडा रखने के लिए पानी की बौछार और कृत्रिम बारिश का सहारा भी लिया जा रहा है। चिड़ियाघर प्रशासन ने ऐसे में जानवरों पर निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी जानवर को लू ना लगे शरीर में पानी की कमी ना हो इसलिए उसे लिक्विड वाले फलों की मात्रा बढ़ा दी गई है। बाड़े में बंद सभी तरह के पक्षियों को भी आजकल ग्लूकॉन डी वाला पानी पिलाया जा रहा है।
खुले बाड़े को कवर करने की भी व्यवस्था की गई है। हाथी के बाड़े बने गड्ढे में कीचड़ के साथ पानी बढ़ा दिया गया है। उसे सुबह शाम दोनों टाइम नहलाया जा रहा है। मांसाहारी जानवरों का भोजन कम कर दिया गया है।