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सामने आई महिला के घिनौने कारनामे की असली वजह

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दिल्ली के जाफरपुर कलां स्थित राव तुलाराम अस्पताल से नर्स बनकर नवजात बच्चे को अगवा करने वाली दो महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अगवा बच्चे को झज्जर से बरामद कर लिया है। 15 साल से बच्चा नहीं होेने पर 40 वर्षीय महिला ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
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दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त सुमन गोयल ने बताया कि अजय सपरिवार गुड़गांव के मकडोला गांव में रहता है। 23 दिसंबर को प्रसव पीड़ा होने पर अजय ने पत्नी गीता को राव तुलाराम अस्पताल में भर्ती कराया।

जहां उसने बेटे को जन्म दिया। 26 दिसंबर को वार्ड संख्या दो से गीता के बच्चे को अगवा कर लिया गया। जांच में पता चला कि दो महिलाएं नर्स के कपड़े पहनकर आई थी और बच्चे को देखने के बहाने उसे उठाकर चली गई। जाफरपुर कलां थाना पुलिस ने अजय की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अपने मुखबीरों को आस पास के इलाके में सक्रिय किया।
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15 साल से बच्चा नहीं था तो घटना को दिया अंजाम

पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि झज्जर के उचलोधा गांव में एक महिला को 15 साल से कोई बच्चा नहीं था, लेकिन कुछ दिनों वह एक नवजात बच्चे को अपना बच्चा बता रही है।

इस सूचना पर पुलिस वहां पहुंचकर छानबीन की। गांव के लोगों से पूछताछ में सच्चाई का खुलासा होने पर पुलिस ने सरिता(40) पत्नी विजेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

कड़ाई से पूछताछ करने पर सरिता ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। सरिता ने बताया कि उसने जाफरपुर कलां की रहने वाली सोनिया (40) पत्नी सत्यनारायण के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इनके निशानदेही पर नवजात बच्चे को बरामद कर लिया। साथ ही पुलिस ने इनके पास से नर्स के कपड़े और आला बरामद कर लिया है।
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