दिल्ली के पॉश इलाके सफदरजंग एन्क्लेव में एयरफोर्स से अवकाश प्राप्त विंग कमांडर रमेश गौतम (73) का शव बुधवार तड़के अपनी कोठी के लॉन के बाहर संदिग्ध हालात में जला हुआ मिला। वह सुबह पानी का मोटर चलाने उठे थे। दो कमरों में भी आग लगी थी। पुलिस की मांग पर सीबीआई की फोरेंसिक टीम ने बुधवार सुबह मौके का मुआयना किया।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेंद्र आर्य के अनुसार, रमेश गौतम बी-1/5 में 72 वर्षीय पत्नी के साथ रहते थे। उनका बेटा नोएडा में रहता है, जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। रमेश गौतम बुधवार तड़के पानी का मोटर चलाने के लिए उठे थे। मोटर कोठी के बाहर लगा है। कुछ समय बाद घर में धमाके की आवाज आई।
विंग कमांडर की पत्नी ने नौकरानी को देखने भेजा तो रमेश गौतम जली अवस्था में कोठी के बाहर पड़े थे। कोठी के दो कमरे में आग लग गई थी। सुबह करीब पौने सात बजे पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस को शुरुआती जांच में बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। बुधवार शाम तक रमेश गौतम के जलने के कारण का पता नहीं लगा था। पुलिस को पानी की मोटर भी ठीक हालत में मिली। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने घर में आग लगा दी थी। रमेश गौतम हर रोज पानी का मोटर चलाने उठते थे।
पुलिस यह भी पता कर रही है कि घर में आग लगने की जानकारी किसी पड़ोसी को क्यों नहीं हुई और कोठी का दरवाजा कैसे खुल गया था। अभी रमेश गौतम की मौत का कारण भी पता नहीं चला है। सफदरजंग एन्क्लेव थाना पुलिस ने बुधवार शाम तक कोई मामला दर्ज नहीं किया था।