साइबर जालसाजों ने मनी लॉड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर एक रिटायर्ड प्रोफेसर से 1.02 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने डरा धमका कर पीडि़त को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और ठगी की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में पीडि़त की तरफ से पुलिस से शिकायत की गई। साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नोएडा सेक्टर-30 में रहने वाले 92 वर्षीय बुजुर्ग एक कॉलेज से सेवानिवृत प्रोफेसर हैं। उनके पास 26 अगस्त को एक शख्स ने कॉल की और खुद को ट्राई का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि आपका नंबर मनी लॉड्रिंग केस की जांच में शामिल है। इसके बाद उसने कथित पुलिस अधिकारियों से वीडियो कॉल पर बात कराई। कथित पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉल पर बताया कि आपका नाम जेट एयरवेज के नरेश गोयल के मनी लॉड्रिंग केस में आ रहा है। जालसाजों ने बुजुर्ग को कहा कि आप जांच में सहयोग करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। इससे बुजुर्ग डर गए और झांसे में आ गए।
इसके बाद जालसाजों ने सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और 1 करोड़ 2 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिया। इस दौरान जालसाजों ने कहा कि जांच के बाद क्लीन चिट मिलने पर रकम वापस कर दी जाएगी। इसके बाद बुजुर्ग को ठगी का अंदेशा हुआ और इसकी शिकायत पुलिस से की। एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल का कहना है कि इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और उन खातों के बारे में पता किया जा रहा है। जिनमें रकम ट्रांसफर कराए गए हैं।
सीबीआई डायरेक्टर बनकर धमकी दी
जालसाजों ने बुजुर्ग को जब वीडियो कॉल पर लिया और बातचीत शुरू की। तब कथित सीबीआई का डायरेक्टर बनकर उन्हें जालसाजों ने डराया। इस दौरान पीछे कोर्ट रूम भी दिखाया गया और वकील खड़े दिखे। जालसाजों ने यह सब नकली सेटअप तैयार किया था। इस दौरान बुजुर्ग को चेतावनी दी जा रही थी कि सहयोग नहीं करने पर उनके परिवार पर खतरा आ सकता है।