आईआईटी खड़गपुर से रिटायर्ड प्रोफेसर कृष्ण चंद्र शर्मा (83) की बुधवार सुबह जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसायटी की 18वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। वह सोसायटी के फ्लैट में पुत्रवधू के साथ रहते थे।
बताया जाता है कि सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। तभी कुछ देर बाद लोगों ने सूचना दी कि वह छत से नीचे सोसायटी कंपाउंड में गिर गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में मामला सुसाइड का बताया जा रहा है।
रिटायर्ड प्रोफेसर कृष्ण चंद्र जयपुरिया सनराइज ग्रीन के दूसरी मंजिल पर फ्लैट संख्या पी-204 में पुत्रवधू नीलम शर्मा के साथ रहते थे।
बेटा रमेश शर्मा एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर है और कजाकिस्तान के अल्माटी में तैनात हैं। नीलम ने बताया कि कृष्ण चंद्र सुबह करीब साढ़े सात बजे चाय पीकर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे।
वह फ्लैट के सामने ही पार्क में रोज टहलने जाते थे। करीब 10 मिनट तक जब वह पार्क में नहीं पहुंचे तो नीलम ने मेड से उनके बारे में पूछा। मेड ढूंढने निकली तो पता चला कि वह छत से गिर गए हैं।
सोसायटी के लोगों ने बताया कि वह 18वीं मंजिल पर देखे गए थे। एसएचओ गोरखनाथ यादव ने बताया कि कृष्ण चंद्र की उम्र अधिक होने के चलते उन्हें भूलने की बीमारी थी।
ऐसे में पुलिस को शक है कि वह मॉर्निंग वॉक पर जाने के बजाए छत पर चले गए और वहां से गिर पड़े। वह दूसरी मंजिल से 18 वीं पर कैसे पहुंचे, इसकी जांच की रही है।
परिजन बोले, भूलने की आदत थी -परिजनों ने पुलिस को बताया कि कृष्ण चंद शर्मा को भूलने की आदत थी। इस वजह से उन्हें कुछ ध्यान नहीं रहता था।
छत पर पुलिस ने जांच पड़ताल भी की, जहां बाउंड्री से कूदने के लिए कोई स्टूल, कुर्सी आदि नहीं मिला है। जिस पर चढ़कर उन्होंने छत की बाउंड्री फांदी हो।
छत बंद होती तो रुक सकता था हादसा
शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि बुजुर्ग की मौत छत से गिरने से हुई। हालांकि आरडब्ल्यूए अध्यक्ष कमल आनंद का कहना है कि छतों पर पानी के टैंक लगे हैं।जिसके लिए अक्सर सिक्योरिटी गार्ड को ऊपर जाना पड़ता है।
छतों की दीवारें भी पर्याप्त ऊंची हैं। जिससे हादसा रोका जा सके। इससे पहले कभी इस प्रकार का हादसा नहीं हुआ।