कहते हैं कि सेवा करने की कोई उम्र नहीं होती, बस जज्बा होना चाहिए। यह साबित किया है स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड डॉ. ओपी अग्रवाल ने।
डॉ. अग्रवाल 71 वर्ष की उम्र में शहर भर में हेल्थ कैंप लगवाते हैं। खाली समय में वह घर पर ही एक कमरे में निशुल्क क्लीनिक चलाते हैं।
डॉ.ओपी अग्रवाल स्वास्थ्य विभाग से ज्वाइंट डायरेक्टर के पद से वर्ष 2005 में रिटायर हुए हैं। वे बताते हैं कि अस्पताल में जॉब करते हुए उन्होंने इलाज के लिए भटकते गरीबों का दर्द करीब से देखा।
कई बार इलाज कराने आए गरीबों से बात की तो मालूम हुआ कि सरकारी अस्पतालों में जल्दी पर्ची नहीं कटती और प्राइवेट डॉक्टरों की फीस वह दे नहीं सकते। ऐसे में कई बार बिना इलाज के ही लौट जाते हैं। उसी दौरान मैंने रिटायरमेंट के बाद गरीबों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा कैंप लगाने का फैसला किया।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जब उन्होंने शुरुआत की तो शहर के ही कुछ लोग जुड़े जो कैंप के लिए धनराशि का सहयोग करने को आगे आए। ऐसे में जब एक बार समाज सेवा शुरू की तो रास्ता आसान हो गया। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिक के रूप में प्रशासन का भी सहयोग करते हैं।
डॉ. अग्रवाल हार्ट और हड्डी रोगियों की मुफ्त जांच करते हैं। साथ ही आई कैंप, रक्तदान शिविर और गरीब बच्चों के चेकअप आदि के सैकड़ों कैंप लगवा चुके हैं।
डॉ. अग्रवाल प्रशासन द्वारा बनाई गई पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने वाली समिति और प्रताड़ित महिलाओं के लिए काम करने वाली नारी निकेतन समिति के भी सदस्य हैं।
डॉक्टर अग्रवाल बताते हैं कि उन्होंने जनकल्याण समिति के साथ मिलकर कई गरीब लड़कियों की शादियां भी करवाई हैं। वह समूह में जुड़कर सेवा करने के साथ पटेल नगर सेकेंड स्थित अपने पुराने मकान में नियमित तौर पर लोगों का नि:शुल्क इलाज भी कर रहे हैं।
इसी कमरे में उनके ही आयुर्वेद चिकित्सक साथी डा. सुभाष भी मरीजों को चिकित्सकीय लाभ देते हैं। कैंप और इलाज के साथ वे सरकारी जिला अस्पताल को भी वाटर कूलर, पंखे और हीटर दान कर चुके हैं।