इसके बाद थाना पुलिस ने एडीएम, उनकी पत्नी, बेटे, गनर रोहित गुजराल व राहुल नागर, प्रशांत नागर, नौकर जितेंद्र अवस्थी के खिलाफ आईपीसी की धारा-307, 504, 506,147,448 और 120 बी के तहत मामला दर्ज करा दिया।
रिटायर्ड कर्नल के साथ ज्यादती के विरोध में हुई बैठक
रिटायर्ड कर्नल के साथ हुई ज्यादती के विरोध में रविवार सुबह सेक्टर-29 स्थित अरुण विहार क्लब में बैठक हुई। बैठक में शामिल हुए रिटायर्ड कर्नल शशि वैद्य ने बताया कि हम लोगों ने पुलिस व प्रशासन से कुछ मांगे रखी हैं।
इनमें रिटायर्ड कर्नल के पर लगाए गए एससी एसटी एक्ट को हटाने, एडीएम व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व तत्कालीन थाना प्रभारी मनीष सक्सेना को निलंबित करने की मांग है।
आज कोर्ट में है सुनवाई
रिटायर्ड कर्नल अभी लुक्सर जेल में हैं। मामले की सुनवाई सोमवार को सीजेएम कोर्ट में होनी है। इसके लिए परिजनों ने कई वकीलों से मुलाकात की और कानूनी राय ली है। रिटायर्ड कर्नल का पूरा परिवार यूएसए में रहता है। घटना की जानकारी मिलते ही दो दिन पहले उनकी पत्नी व बड़ी बेटी नोएडा आ गई थी। रविवार सुबह उनकी छोटी बेटी भी नोएडा पहुंच गई। इसके बाद मां के साथ पिता से मिलने लुक्सर जेल पहुंची। जबकि बड़ी बेटी ने एसएसपी से मुलाकात की। एसएसपी ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
रिटायर्ड आर्मी अफसर की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन करते पूर्व सैनिक
- फोटो : अमर उजाला
रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह से मारपीट मामले में कोर्ट में पेश किए गए एडीएम के गनर और नौकर को जमानत मिलने का अधिवक्ता राजकुमार नागर ने दावा किया है। अधिवक्ता ने बताया कि एफआईआर पढ़ने के बाद अदालत ने पुलिस को जानलेवा हमले की धारा को लेकर कड़ी फटकार लगाई।
कोर्ट ने कहा कि जो तहरीर लिखी गई है, उस पर आईपीसी की धारा 307 और 348 नहीं बनती। इसके बाद इंस्पेक्टर ने दोनों धाराओं को केस से हटा दिया। इसके बाद अन्य धाराओं में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी, लेकिन जमानत के दस्तावेज न होने से दोनों को जेल भेजा गया है।
हालांकि, सेक्टर-20 थाना प्रभारी मनोज पंत ने आरोपियों को जमानत मिलने से इंकार किया है। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने न तो धारा हटाई है और न ही आरोपियों को जमानत दी है।
‘हाजी पीर तक की थी सर्जिकल स्ट्राइक’
जिला कारागार के जेलर सत्यप्रकाश ने बताया कि रविवार को रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह से उनकी बेटी व अन्य परिजनों ने मुलाकात की है। परिजनों ने जानकारी दी है कि 1965 की लड़ाई में वीरेंद्र की पाकिस्तान सीमा पर तैनाती थी। उस दौरान वह स्पेशल कमांडो बटालियन के कैप्टन थे। उन्होंने अपनी बटालियन के साथ पाकिस्तान में 21 किमी घुसकर हाजी पीर जगह के पास तक पहुंचकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
डीएम को ज्ञापन सौंपते लोग
- फोटो : राजन राय
नोएडा में प्रशासनिक अफसर की पत्नी से छेड़छाड़ के चर्चित मामले में अफसर के गनर सिपाही राहुल नागर को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शनिवार देर रात नोएडा पुलिस ने सिविल लाइंस थाने पहुंची और राहुल को साथ ले गई थी। मामले में सिपाही को जेल भेजे जाने से सहकर्मियों में रोष व्याप्त है, जिन्होंने उसे बलि का बकरा बनाए जाने की बात कही है।
जनपद के प्रशासनिक अफसर का गनर राहुल नागर इससे पहले शहर कोतवाली में रह चुका है, जो रोहाना चौकी पर तैनात था। बाद में उसे अफसर का गनर नियुक्त कर दिया गया था, जिसके बाद से वह उनके साथ ही रहता था। नोएडा में हरियाली तीज के कार्यक्रम में प्रशासनिक अफसर की पत्नी के साथ छेड़छाड़ के आरोप में जेल भेजे गए रिटायर्ड कर्नल की जेल से जेलर के माध्यम से भेजी गई तहरीर के आधार पर प्रशासनिक अफसर, उनकी पत्नी व गनर राहुल समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
एफआईआर दर्ज होते ही शनिवार को शहर में मौजूद अफसर के गनर को सिविल लाइंस थाने में बुलाकर उससे असलाह जमा करा लिया गया था। इसके बाद से ही राहुल नागर के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी, कि आखिर वह कहां है ? इस संबंध में सिविल लाइंस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने भी राहुल के संबंध में जानकारी होने से इंकार किया था। देर रात नोएडा पुलिस सिविल लाइंस थाने पहुंची और राहुल नागर को साथ ले गई।
सूत्रों के अनुसार, नोएडा ले जाने के बाद सिपाही को जेल भेज दिया गया है। वहीं, पूरे मामले में राहुल नागर को जेल भेजे जाने के बाद उसके सहकर्मियों में आक्रोश व्याप्त है। साथी पुलिसकर्मियों ने हाईप्रोफाइल मामले में सिपाही को मोहरा बनाए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि खुले तौर पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
सिपाही को किया गया सस्पेंड
नोएडा के चर्चित छेड़छाड़ प्रकरण में जेल गए सिपाही राहुल नागर को एसएसपी अनंतदेव द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है। अनुशासनहीनता के आरोप में की गई सिपाही के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है।