सड़क धंसने के दौरान बिजली के खंभे भी गड्ढे में लटक गए। इस कारण वार्तालोक और प्रज्ञाकुंज सोसायटी में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई थी। इस कारण दोनों सोसायटी में रहने वाले करीब 900 से अधिक फ्लैटों के लोगों को बिना बिजली के रात गुजरनी पड़ी।
बिजली नहीं होने से पानी की सप्लाई भी प्रभावित रही। पानी की पाइप लाइन टूटने की वजह से नगर निगम पानी की सप्लाई नहीं कर रहा है। इसलिए टैंकर भेजकर पानी की सप्लाई हो रही है।
दहशत में अभी भी लोग
वार्तालोक और प्रज्ञा सोसायटी के लोग अभी भी दहशत में है। उन्हें बिल्डिंग गिरने का डर सता रहा है। हादसे के बाद दोनों सोसायटियों के 80 फ्लैट में रहने वाले लोग अपना घर खाली कर कहीं और शिफ्ट हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे को लेकर प्रशासन पहले जागा होता तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
सीआरआरआई के मुताबिक किया जा रहा काम
अधिकारियों ने बताया कि सीआरआरआई की टीम को बुलाकर सोसायटी का निरीक्षण कराया गया है जिससे बिल्डिंग की स्ट्रक्चल सेफ्टी और भविष्य में बिल्डिंगों पर कोई प्रभाव न पड़े। टीम ने निरीक्षण रिपोर्ट दे दी है। सीआरआरआई अधिकारियों के दिए गए निर्देश के तहत मिट्टी भराव का काम कराया जा रहा है। डीएम रितु माहेश्वरी ने बताया कि बिल्डिंग गिरने का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि जो भी नुकसान हुआ है आविप और नगर निगम उसकी पूरी तरह से भरपाई करेगा।
हादसे के बाद डीएम ने आविप को बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इस पर आविप की ओर से थाना इंदिरापुरम में मुकदमा दर्ज कराने के लिए शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। वहीं थाना इंदिरापुरम एसएचओ सचिन मलिक ने बताया कि आविप की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।
लोगों ने किया हंगामा
आविप की ओर से मिट्टी भराव का काम किया जा रहा है। कुछ लोगों का आरोप है कि प्रशासन और आविप की ओर से वार्तालोक सोसायटी की ओर ही रेत के कट्टे लगाए जा रहे हैं। प्रज्ञा सोसायटी की ओर भराव नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर लोग हंगामा करने लगे। उन्होंने आविप के अधिकारियों को घेर कर करीब आधे घंटे तक लोगों का हंगामा चला। मौके पर मौजूद आविप के अधिशासी अभियंता भोलानाथ सिंह ने लोगों को समझाया और उनकी सोसायटी की ओर भी मिट्टी के कट्टे लगाने का आश्वासन दिया।
रेजिडेंट्स का कहना
वार्तालोक सोसायटी के एक साइड रेत के कट्टे लगाए गए हैं। दूसरी साइड कट्टे नहीं लगाए जा रहे हैं। अगर कोई हादसा दोबारा हो जाएगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। आविप के अधिकारी किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।- योगिता
बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में मिट्टी नहीं भरी जा रही है। अगर तेज बारिश हुई तो गड्ढे से फिर मिट्टी का कटान होगा जिसे कोई हादसा हो सकता है।- सोनल
अभी भी लोग दहशत से निकल नहीं पाए हैं। वार्तालोक सोसायटी के दो गेट बंद हैं। सामने की सड़क कीचड़ से भर गई है। पता नहीं हालत कब सामान्य होगा।- पुष्पा
रात भर बिजली नहीं आने से बहुत परेशानी उठानी पड़ी है। पाने का पानी तक नहीं मिल रहा है। सोसायटी में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।- अनामिका