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रेजोनेंस का हुआ रंगारंग आयोजन: एनएसयूटी में गूंजा सुमधुर संगीत, थिरके छात्र-छात्राएं; सुरों में डूबा समापन

Tue, 14 Oct 2025 07:41 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव रेजोनेंस 2025 का समापन रविवार को हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की उमंग और उत्साह देखते ही बना। मंच पर संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने वातावरण को उल्लास से भर दिया। इस कार्यक्रम में अमर उजाला ने नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाई। 
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एनएसयूटी में रेजोनेंस फेस्ट का भव्य समापन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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द्वारका स्थित नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) में दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव रेजोनेंस 2025 का शुभारंभ शनिवार को हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की उमंग और उत्साह देखते ही बना। मंच पर संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने वातावरण को उल्लास से भर दिया। इस कार्यक्रम में अमर उजाला ने नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाई। दूसरे दिन यानी रविवार को भी एनएसयूटी का परिसर युवाओं के उत्साह, कला और संगीत से सराबोर रहा। जब रेजोनेंस 2025 के अंतिम दिन शाम ढली, तो पूरा विश्वविद्यालय सुरों, रोशनी और तालियों से गूंज उठा। 

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रातभर सुनाई देती रही गीतों की गूंज
सांस्कृतिक महोत्सव में पहले ही दिन से पूरे परिसर में रौनक छा गई। विद्यार्थियों ने जोश और प्रतिभा के साथ विभिन्न प्रस्तुतियों में भाग लिया। शनिवार को विश्वविद्यालय के मुख्य मंच पर ‘क्रेसेंडो ईव’ का आयोजन हुआ। मंच पर कलाकारों ने अपनी संगीत प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड सदस्यों ने ऊर्जा से भरपूर गीतों की प्रस्तुति देकर ऐसा माहौल बनाया कि युवा थिरकने लगे। दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे और गीतों की गूंज रातभर सुनाई देती रही।

बैंड की धुन और गीतों की लय से झूमा परिसर
बैंड की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया, वहीं शास्त्रीय नृत्य से लेकर आधुनिक तालों तक हर कला ने दर्शकों का मन मोह लिया। देशभर के अनेक महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने कला, संस्कृति और रचनात्मकता का सुंदर संगम पेश किया। शाम होते-होते बैंड की धुन और गीतों की लय से पूरा परिसर झूम उठा। इस बार का रेज़ोनेंस’ केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, आत्मविश्वास और सृजनशीलता का प्रतीक बन गया है। वहीं इस जोश और रचनात्मकता के सफर में अमर उजाला एक बार फिर युवाओं का ज्ञान साथी बना है।  
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स्टॉलों पर रही भीड़ 
इस मौके पर खानपान के स्टालों पर भारी भीड़ दिखी। वहीं कई कंपनियों ने इसमें न सिर्फ अपना सहयोग दिया, बल्कि बतौर वेंडर वो अपने उत्पादों के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां कई तरह के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने न सिर्फ रंगारंग कार्यक्रम का लुप्त उठाया, बल्कि जमकर खरीदारी की। व्यंजनों का आनंद भी लिया।

दूसरे और आखिरी दिन एनएसयूटी में गूंजा सुमधुर संगीत, थिरके युवा-
नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) का परिसर बीते दो दिनों तक युवाओं के उत्साह, कला और संगीत से सराबोर रहा। जब रेजोनेंस 2025 के अंतिम दिन शाम ढली, तो पूरा विश्वविद्यालय सुरों, रोशनी और तालियों से गूंज उठा। हर ओर युवाओं का जश्न तथा खिलखिलाते चेहरे दमक रहे थे। इस वर्ष का विषय द कार्निवल स्ट्राइक्स बैक रहा। इसने पूरे आयोजन को उल्लास और उमंग से भर दिया। उत्सव में अमर उजाला नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा रहा।

उमंग से शुरू, उत्साह के साथ हुआ खत्म
पहले दिन से ही परिसर में रौनक छाई रही। शास्त्रीय संगीत से लेकर रॉक बैंड की गूंज तक, छात्रों ने अपनी प्रतिभा से मंच सजा दिया। पहले दिन आयोजित क्रेसेंडो संध्या में बैंड प्रस्तुतियों ने ऐसा जोश भरा कि दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे।

दूसरे दिन कार्निवल की धूम
रेजोनेंस का दूसरा दिन और भी शानदार रहा। सुबह से ही विश्वविद्यालय के हर कोने में प्रतियोगिताओं की गूंज रही। कहीं रोबोट दौड़ रहे थे, कहीं क्विज के सवाल गूंज रहे थे। डायनमो, कार्निवल क्लैश और बोल्ट बैटल रिले जैसी प्रतियोगिताओं में युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। वहीं, कला और तकनीक का संगम ‘डिजिटल डाइमेंशन्स’, ‘स्ट्रॉ टॉवर चैलेंज’ और ‘ड्रॉ इट ब्लाइंड’ जैसी प्रतियोगिताओं में दिखाई दिया। मंचीय आयोजनों में ‘मिस्टर और मिस फ्रेशर’ के चयन ने रौनक बढ़ा दी तो ‘माइक बोलता है’ और ‘ट्यून थ्रू टाइम’ जैसे कार्यक्रमों ने संगीत का जादू बिखेरा।

सुरों में डूबा समापन
जैसे-जैसे रात ढली, वैसे-वैसे माहौल और मधुर होता गया। बहुप्रतीक्षित फुटलूज नृत्य प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियों से पूरा सभागार थिरका दिया। इसके बाद जब मशहूर गायक अखिल सचदेवा मंच पर आए, तो पूरा परिसर सुरों में बह गया। उनकी भावनात्मक और मधुर गायकी ने छात्रों को भाव-विभोर कर दिया। गीतों की गूंज देर रात तक हवा में तैरती रही।

रेजोनेंस बना युवा ऊर्जा का प्रतीक
रेजोनेंस 2025 सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि युवाओं की रचनात्मकता, टीम भावना और आत्मविश्वास का प्रमाण बन गया। दो दिनों तक चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में लगभग पचास हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। वहीं टीम रेजोनेंस के समर्पण और परिश्रम ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। एनएसयूटी का यह महोत्सव एक बार फिर यह साबित कर गया कि युवा जब मिलकर कुछ रचते हैं, तो केवल मंच ही नहीं, पूरा वातावरण झूम उठता है। इस उत्सव का गवाह बना बतौर नॉलेज पार्टनर अमर उजाला, जो हर बार युवाओं के सपनों और उपलब्धियों के साथ खड़ा रहता है।

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