उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हिंदूराव अस्पताल में बीते कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन का असर अब राजधानी के अन्य अस्पतालों में भी दिखाई दे सकता है। हिंदूराव अस्पताल में तैनात कर्मचारियों को बीते चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके चलते बुधवार को डॉक्टरों ने प्रतीकात्मक अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा भी कर दी है।
कोविड वार्ड में ड्यूटी न देने वाले डॉक्टरों ने अस्पताल के बाहर मुख्य गेट पर प्रदर्शन में हिस्सा भी लिया। जानकारी के अनुसार दिल्ली के अन्य सरकारी अस्पतालों में मौजूद रेजीडेंट डॉक्टरों के संगठन निगम व दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर तत्काल वेतन दिलाने की मांग कर चुके हैं।
एम्स दिल्ली के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी एक दिन पहले पत्र लिखा था, लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में चर्चा है कि आने वाले दिनों में रेजीडेंट डॉक्टर अपने अपने अस्पतालों में भी प्रदर्शन कर सकते हैं।
हिंदूराव अस्पताल के आरडीए अध्यक्ष डॉ. अभिमन्यु सरदाना का कहना है कि जून के माह से अब तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। कोरोना महामारी के इस संकट में अनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके परिवार को भी आर्थिक जरूरतें हैं।
पिछले कई दिनों से सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक डॉक्टर, नर्स प्रदर्शन कर रहे हैं। अलग अलग अस्पतालों के आरडीए भी पत्र लिखकर वेतन देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं है। इसीलिए डॉक्टरों ने प्रतीकात्मक तौर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया।
उन्होंने बताया कि जब तक वेतन नहीं मिलता है उनका प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा। हालांकि वे यह नहीं चाहते हैं कि अस्पताल में प्रदर्शन के चलते किसी भी प्रकार की सेवाएं बाधित हों। इसलिए उन्होंने कोविड वार्ड में ड्यूटी नहीं देने वालों से ही प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
इससे पहले उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश कह चुके हैं कि निगम प्रबंधन इस मुद्दे का समाधान निकालने में जुटा हुआ है। निगम प्रबंधन भी चाहता है कि जल्द से जल्द इस समस्या से निपटारा दिलवाया जा सके।