फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने कोरोना जांच के लिए विकसित की किफायती पद्धति

Mon, 23 Mar 2020 05:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
आईआईटी दिल्ली - फोटो : Social Media
विज्ञापन

आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए एक पद्धति विकसित की है, जो जांच की कीमत को काफी हद तक घटा सकती है। हालांकि पुणे का राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) क्लीनिकल नमूनों पर पद्धति को प्रमाणित करने की प्रक्रिया में है। आईआईटी के कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजीकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने इस उपकरण मुक्त जांच को प्रयोगशालाओं में अनुकूल परिस्थितियों में परखा।

विज्ञापन


टीम के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को देखते हुए स्वदेशी जांच किट तैयार करना समय की आवश्यकता है। टीम के मुख्य सदस्य प्रोफेसर विवेकानंद पेरूमल ने बताया, तुलनात्मक विश्लेषण का इस्तेमाल कर हमने कोरोना में अनोखे क्षेत्रों की पहचान की है। 

यह अनोखे क्षेत्र मानव कोरोना वायरस में मौजूद नहीं होते, जिससे कोरोना का विशिष्ट तौर पर पता लगाने में मदद मिलती है। एनआईवी की ओर से जांच प्रमाणित होने के बाद इसे देश में बढ़ती जरूरत के अनुकूल प्रयोग में लाया जा सकता है। 
विज्ञापन


प्रोफेसर मनोज मेनन के मुताबिक, मौजूदा जांच प्रक्रियाएं उपकरण आधारित हैं, जबकि आईआईटी टीम द्वारा विकसित पद्धति उपकरण मुक्त है। जिससे जांच की कीमत शुद्धता से समझौता किए बिना काफी हद तक घट जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें