जय प्रकाश (जेपी) एसोसिएट्स व इंफ्राटेक और आम्रपाली के मामलों में उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) अब सुनवाई नहीं करेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एनसीएलटी का अंतिम फैसला आने के बाद ही रेरा इन बिल्डरों से जुड़ी शिकायतों पर किसी तरह की कार्रवाई करेगा। जेपी एसोसिएट्स का मामला उच्चतम न्यायालय और जेपी इंफ्राटेक का मामला एनसीएलटी में है। वहीं, दोनों कंपनी के खरीदारों ने रेरा में भी शिकायत की है।
रेरा की पीठ वन मामलों पर सुनवाई कर रही है। दोनों कंपनी के 200 से अधिक खरीदारों की शिकायतें पीठ के पास आ चुकी हैं। पिछले माह पीठ ने मामलों पर सुनवाई कर आदेश जारी करने का फैसला लिया था। हवाला दिया था कि सुनवाई के स्थगन का कोई आदेश बिल्डर की तरफ से नहीं दिया गया है, लेकिन अब रेरा ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं और सुनवाई नहीं करने का फैसला लिया है।
रेरा की पीठ-1 ने जेपी एसोसिएट्स के मामलों में आदेश जारी कर कहा है कि एनसीडीआरसी में भी लंबित जेपी एसोसिएट्स के मामलों की समस्त कार्रवाई को स्थगित किया जा चुका है। ऐसे में विपक्षी के विरुद्ध कोई आदेश पारित किया जाना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है। उच्चतम न्यायालय के अंतिम आदेश पारित होने तक सभी वादों की कार्रवाई को स्थगित किया जाता है। न्यायालय का अंतिम आदेश आने के बाद भी मामलों पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह जेपी इंफ्राटेक के मामलों की सुनवाई पर भी रोक लगा दी है।
आम्रपाली के मामलों को भी नहीं सुनेगी पीठ वन
आम्रपाली बिल्डर का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। रेरा की पीठ दो बिल्डर के मामलों पर सुनवाई कर रही है। पीठ के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि आम्रपाली बिल्डर का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक आम्रपाली के मामलों को लंबित रखा जाएगा। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया है।